नूंह। प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा नूंह में कोरोना मरीजों की संख्या कम हैं। कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में 163 बेड का स्पेशल वार्ड बनाया है यहां पर फिलहाल 13 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 150 बेड खाली हैं।
इसके अलावा नलहड़ मेडिकल कॉलेज में भी कोविड-19 के लिए विशेष तौर पर 32 बेड का वार्ड तैयार किया है यहां पर 3 मरीज भर्ती हैं जबकि 29 बेड खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में औसतन हर दिन 1200 लोगों की जांच की जा रही है। 2.45 प्रतिशत की दर से कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं 89 फीसदी की दर से मरीज स्वस्थ हो रहे हैं, जोकि राहत भरी खबर है। जिले में कोरोना के मरीजों को आसानी से इलाज मिल रहा है। फिलहाल कोरोना के करीब 95 मरीज हैं इनमें से 78 को होम आइसोलेशन में रखा गया है स्वास्थ्य विभाग की टीम इनकी देखरेख कर रही है। बीते दिनों में कोरोना के मामलों में कमी आई है। वहीं जिले के निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं है।
जिले में हैं दो कोविड अस्पताल :
जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा और नलहड़ मेडिकल कॉलेज में कुल 195 बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा पिनगवां जिला कोविड केयर सेंटर भी बनाया गया है। मरीजों को अधिक बुखार होने पर उन्हें नलहड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया जा रहा है। हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा जा रहा है।
जिले में कोरोना संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। तभी जाकर कोरोना से लड़ा जा सकता है। - डॉक्टर सुरेंद्र यादव, सिविल सर्जन