नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में बुधवार को कोरोना संक्रमण के 500 नए मामले आने के साथ ही सक्रिय मरीजों की संख्या 1110 हो गई है। इसी के साथ जिले में पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं। कक्षा-10 तक के सभी स्कूल, जिम और स्वीमिंग पूल 14 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। रात्रि कर्फ्यू भी अब 10 बजे से ही लागू होकर सुबह 6 बजे तक रहेगा। हालांकि नोएडा में किसी के आवागमन और आवश्यक सेवाओं से संबंधित सेवाओं पर किसी तरह की कोई रोक-टोक नहीं है, लेकिन मॉल, बाजार और दुकान पर बिना मास्क के सामान नहीं मिलेगा। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बुधवार को कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।
उन्हाेंने कहा कि बंद हाल में 50 फीसदी क्षमता के साथ शादी समारोह आयोजित किए जा सकेंगे। हालांकि वहां कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। डीएम के मुताबिक अभी तक विदेश से आने वाले एक मरीज में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। वह पूरी तरह ठीक होकर घर जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली है। इस समय 20 अस्पतालों में 3000 से अधिक बेड तैयार हैं। आक्सीजन समेत अन्य व्यवस्थाएं बेहतर कर ली गई हैं। भविष्य में आने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है।
जिन लोगों को कोरोना से अलग कोई अन्य बीमारी है या किसी के घर पर क्वारंटीन की व्यवस्था नहीं है, ऐसे लोगों को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले समेत 16 मरीजों को क्वारंटीन करने के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। हालांकि एक भी मरीज आईसीयू में दाखिल नहीं है।
दूसरी डोज 15 तक, किशोरों को 20 तक लगेंगे टीके
डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि जिले के निवासियों को टीकाकरण की पहली डोज का 125 फीसदी लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। लेकिन दूसरी खुराक 89 फीसदी लोगों को ही लग पाई है। बचे हुए लोगों को 15 जनवरी तक दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि हेल्थ वर्कर समेत फ्रंट वारियर को बूस्टर डोज 20 जनवरी के बाद लगानी शुरू कर दी जाएगी। वहीं, 15 से 18 साल के बीच 1.15 लाख किशोरों को 20 जनवरी तक टीकाकरण कराकर लक्ष्य पूरा करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है।
आरटीपीसआर जांच के 700 व 900 रुपये वसूल सकेंगी लैब
नोएडा। शासन ने बुधवार को संक्रमण की जांच को लेकर निजी लैब के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। शुल्क से अधिक पैसे मांगने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल की ओर से सैंपल लैब भेजने या खुद लैब जाकर जांच कराने पर जीएसटी समेत 700 रुपये वसूले जा सकेंगे। वहीं घर पर जाकर सैंपल लेने पर जीएसटी समेत 900 रुपये वसूले जा सकेंगे। इसके अलावा यदि सरकार के विहित अधिकारी की ओर से निजी प्रयोगशाला को सैंपल भेजे जाते हैं तो जीएसटी समेत 500 रुपये ही लिए जा सकेंगे। साथ ही रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों द्वारा एचआर सिटी स्कैन की जांच करने के लिए पीपीई किट एवं सैनिटाइजेशन समेत शुल्क निर्धारित किया गया है। 16 स्लाइस तक 2000 रुपये, 16 से 64 स्लाइस तक 2250 व 64 स्लाइस से अधिक के 2500 रुपये लिए जा सकेंगे। इसके अलावा एंटीजन किट से जांच 2500 रुपये और ट्रूनेट से जांच के 1250 रुपये ले सकेंगे। जबकि ट्रूनेट का घर से सैंपल लेने के लिए इसमें 200 रुपये अतिरिक्त ले सकेंगे।
संदेह होने पर 18004192211 पर करें कॉल
जिले में यदि किसी व्यक्ति को कोरोना संक्रमण होने का संदेह हुआ है तो वह इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के 18004192211 नंबर पर कॉल करके जानकारी हासिल कर सकता है। यदि उनको संदेह है कि कोविड हो सकता है तो वह जांच कराए। यदि किसी व्यक्ति को टेली मेडिसिन की आवश्यकता है तो स्वास्थ्य विभाग उनको हर सुविधा मुहैया कराएगा। स्वास्थ्य विभाग की रैपिड टीम घर तक दवा पहुंचाएगी। यदि किसी को डॉक्टर की सलाह लेनी है तो भी इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम पर कॉल करके जानकारी ले सकते हैं। इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम की सेवा में विस्तार किया गया है और पिछली बार से अधिक लोग एक साथ बात कर सकते हैं।
शादी समारोह में हॉल की क्षमता के 50 फीसदी लोग हो सकते हैं शामिल
डीएम ने कहा कि शादी समारोह के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। समारोह में यदि हाल की क्षमता के 50 फीसदी लोग शामिल हो सकते हैं। खुले स्थान पर शादी की जा रही है तो वहां पर भी कुछ क्षमता से आधे लोग शामिल हो सकते हैं। शादी-समारोह हो या कोई अन्य कार्यक्रम सभी में कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य है। साथ ही नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
विभिन्न स्थानों पर होगी रैंडम जांच
कोरोना की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कोविड जांच टीम की संख्या बढ़ा दी गई है। बॉर्डर समेत अन्य स्थानों पर रोजाना तीन से चार हजार जांच हो रही है। डीएम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीते 24 घंटे में 7500 लोगों की जांच हुई थी। एंटीजन किट से एक से दो फीसदी तक पाजिटिविटी रेट है। जबकि आरटीपीसीआर में से तीन से चार फीसदी तक पाजिटिविटी रेट है। यह जांच दर 10 लाख की आबादी पर सबसे अधिक है। एनसीआर में ऐसा कोई शहर नहीं है जहां पर 10 लाख की आबादी में 7500 जांच होती हो।
कांटेक्ट ट्रेसिंग को 18 से बढ़ाकर 25 किया
डीएम के मुताबिक संक्रमित पाए जाने पर अभी तक संपर्क में आने वाले 18 लोगों की जांच कराई जाती थी। ओमिक्रॉन को देखते हुए कांटेक्ट ट्रेसिंग की संख्या बढ़ाकर 25 कर दी गई है। साथ ही निगरानी समितियों की संख्या बढ़ाकर 600 कर दी गई है। सभी कंपनियों को अपने यहां पर कोविड हेल्प डेस्क बनानी होगी। घरों पर निगरानी समितियों से लोगों पर नजर रखी जाएगी और कार्य क्षेत्र में कोविड हेल्प डेस्क से उनको सुविधा दी जाएगी।
दिल्ली में होती है जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच
डीएम के मुताबिक जीनोम सिक्वेसिंग की जांच का नमूना दिल्ली भेजा जाता है। नोएडा में विदेश से आने वाले अधिकतर लोगों की जीनोम सिक्वेंस जांच कराई जा रही है। इसके अलावा संदेह वाले लोगों की जांच कराई जाती है। इस जांच में थोड़ी देर जरूर होती है। लेकिन प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द इसकी जांच होने के बाद रिपोर्ट आ जाए।
परिवहन में कोई नियम अभी लागू नहीं
परिवहन निगम या बस-ऑटो में कोई पाबंदी लागू नहीं की गई है। हालांकि कोविड नियमों का पालन करते हुए ही बस-ऑॅटो या निजी वाहनों में यात्रा करनी होगी। बिना मास्क के यात्रा करने पर कार्रवाई की जाएगी।