एक सप्ताह में 16853 एंटीजन जांच, सिर्फ 54 संक्रमित मिले
नोएडा। आंकड़ाें में थमे कोरोना की रफ्तार ने स्वास्थ्य विभाग को राहत दी है। विभाग की समीक्षा में खुलासा हुआ है कि पिछले एक सप्ताह में जिले भर (दिल्ली बॉर्डर छोड़कर) में की गई एंटीजन जांच में कोरोना की दर महज 0.32 प्रतिशत रह गई है। यानी प्रत्येक दिन हुई जांच में एक प्रतिशत से भी कम मरीज मिले हैं। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार का जोर एंटीजन जांच पर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभियान चलाकर 10 से 16 दिसंबर यानी पिछले सात दिनाें में कुल 16,853 जांच की। जिसमें सिर्फ 54 कोरोना पॉजिटिव निकले हैं।
एंटीजन जांच में संक्रमण की स्थिति
तिथि जांच संक्रमित
16 दिसंबर 2268 5
15 दिसंबर 2549 5
14 दिसंबर 2463 4
13 दिसंबर 2108 12
12 दिसंबर 2436 13
11 दिसंबर 2528 8
10 दिसंबर 2501 7
दिल्ली से 4 प्रतिशत संक्रमण मिला
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि जिले का रिकॉर्ड दिल्ली बॉर्डर खराब कर रहा है। दिल्ली बॉर्डर पर संक्रमण की दर 4 से 5 प्रतिशत रही है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग जनपद में कोरोना संक्रमण फैलाव में दिल्ली से आने वाले लोगाें को प्रमुख कारण मानता रहा है।
कोविड अस्पतालाें में घटे मरीज
सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल में 168 बेड पर सिर्फ 30 मरीज रह गए हैं, जबकि एक समय यह संख्या 100 को पार कर गई थी। फोर्टिस अस्पताल में जहां बेड फुल रहते थे। वहां 50 बेड के सापेक्ष 39 मरीज भर्ती हैं। यथार्थ अस्पताल में 375 बेड फुल रह चुके हैं, अब यहां 142 मरीज भर्ती हैं। ऐसा ही हाल जिम्स, शारदा व अन्य कोविड अस्पतालों का है।
आरटीपीसीआर जांच में अधिक संक्रमित
सवाल है कि जब एंटीजन जांच में संक्रमण बेहद कम है तो फिर संक्रमिताें की संख्या एक दिन में 40, 50 या अधिक क्यों हो रही है? विभाग के अफसर ने बताया कि महकमे को निजी और सरकारी लैबाें से आरटीपीसीआर रिपोर्ट प्राप्त होती है। निजी लैबाें की जांच में संक्रमिताें की संख्या अधिक होती है। विभागीय अफसर इसकी जांच की बात कह रहे हैं।
संक्रमण कम क्यों हो रहा
स्वास्थ्य विभाग के अफसर ने बताया कि लोग खुद ही मास्क पहनकर निकल रहे हैं। इसके अलावा कोरोना का ढलाव होना भी बड़ा कारण है। कोरोना की चेन टूट रही है और लोगाें ने विभिन्न चिकित्सीय पद्धतियों से खुद का प्रतिरोधक तंत्र मजबूत कर कोरोना को भगाने का काम किया है।
बयान
कोरोना की रफ्तार जिले में बेहद कम है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमण को और कम करने पर प्रयासरत है। लोग भी मास्क पहनकर, सैनिटाइजर का प्रयोग कर बाहर निकलें।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ