नोएडा। कोरोना गाइडलाइन को नजरअंदाज करने का असर दिखने लगा है। कोरोना संक्रमण नए रिकॉर्ड बना रहा है। बृहस्पतिवार को राज्य सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में 93 नए संक्रमित मिले हैं। इससे पहले 12 दिसंबर को 96 नए मरीज मिले थे। जिसके बाद से एक दिन में मरीजों की संख्या 90 से कम ही दर्ज की जा रही थी। नए मरीजों को मिलाकर जिले में सक्रिय केसों की संख्या 399 हो गई है। जिला एक बार फिर सक्रिय केस संख्या मामले में प्रदेश में टॉप 5 में आ गया है।
बृहस्पतिवार को सर्वाधिक 935 नए मरीज लखनऊ में मिले हैं। वहीं पड़ोसी गाजियाबाद में 19 नए मामले सामने आए हैं। वहीं बीते 24 घंटों में 25 लोग स्वस्थ हुए हैं। अब तक जिले में कोरोना केसों की कुल संख्या 26193 हो गई है। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने कहा कि बढ़ते मामलों को देखते हुए जांच संख्या 4 हजार तक की जा चुकी है। शासन से अप्रैल की रैंडम सैंपलिंग का चार्ट मिलने पर वह प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। साथ ही अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
जिले में टीकाकरण प्रक्रिया बेहद तेजी से बढ़ रही है। हमें उम्मीद है कि संक्रमण केसों की संख्या जल्द फिर से घटने लगेगी। लोगों से अपील है कि अपनी बारी आने पर टीकाकरण प्रक्रिया का हिस्सा अवश्य बने। सामाजिक दूरी एवं मास्क के नियम का पालन करते रहें। जिले में फिलहाल पर्याप्त स्थिति में दवा, बेड, कोविड अस्पताल आदि मौजूद है। यदि जरूरत पड़ी तो इनमें और बढ़ोत्तरी की जाएगी।
टीकाकरण करा चुके 5 संक्रमित
जिले में कोरोना टीकाकरण करा चुके 5 लोग फिर से संक्रमित हो गए हैं। संक्रमितों का फिलहाल इलाज शुरू हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीका लगने के बाद एंटीबाडी बनने की प्रक्रिया में वक्त लगता है। खासकर पहले डोज के बाद एंटीबाडी बनने की प्रक्रिया बेहद धीमी होती है। इसलिए टीकाकरण के बाद भी करीब एक महीने तक संक्रमण का खतरा बना रहता है। यदि इस दौरान कोई वायरस के संपर्क में आता है तो सक्रंमित हो सकता है। इसलिए टीकाकरण कराने वालों को भी निर्धारित समय तक कोविड गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति टीकाकरण के बाद भी पॉजिटिव हो जाता है तो भी टीकाकरण की वजह से कोरोना कम असरदार रहता है और मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। वहीं बाद पॉजिटिव आए व्यक्ति से संक्रमण फैलने का खतरा बेहद कम होता है। ब्यूरो