-आदेश के बाद भी ब्रो कोड फिल्म प्रोमो न हटाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता रवि मोहन और उनकी प्रोडक्शन कंपनी, सह-निर्देशक कीनेशा फ्रांसिस के खिलाफ एक अवमानना याचिका पर सुनवाई शुरू की है। यह याचिका ब्रो कोड नामक आगामी फिल्म के शीर्षक और प्रचार सामग्री के उपयोग पर रोक लगाने वाले अंतरिम आदेश का कथित उल्लंघन के लिए दायर की गई है।
न्यायमूर्ति तेजस करिया ने शुक्रवार को इस अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया और प्रतिवादियों को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी। इससे पहले 14 अक्टूबर 2025 को, दिल्ली हाई कोर्ट ने रवि मोहन की प्रोडक्शन कंपनी को उनकी आगामी फिल्म के लिए ब्रो कोड शीर्षक का उपयोग करने से रोकने का अंतरिम आदेश पारित किया था। यह आदेश इंडोस्पिरिट बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक ट्रेडमार्क मुकदमे के आधार पर दिया गया था, जो 'ब्रो कोड' नाम से कार्बोनेटेड वाइन-इन-ए-पिंट पेय बेचती है।
कोर्ट ने माना कि फिल्म के लिए समान नाम का उपयोग उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा कर सकता है और इंडोस्पिरिट के ब्रांड की साख को नुकसान पहुंचा सकता है। इंडोस्पिरिट के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि प्रतिवादी न केवल 14 अक्टूबर के आदेश के समय मौजूद थे, बल्कि उन्हें ईमेल के माध्यम से भी सूचित किया गया था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल से 'ब्रो कोड' शीर्षक वाले फिल्म के प्रोमो और ट्रेलर नहीं हटाए। इंडोस्पिरिट ने यूट्यूब पर उपलब्ध ट्रेलर के स्क्रीनशॉट पेश किए और दावा किया कि यह कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवहेलना है।