फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: चालक ने यात्रियों को बीच राह पर छोड़ा, आयोग ने लगाया 10 हजार का जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
- रोडवेज पर हुई कार्रवाई, किराया की राशि ब्याज सहित लाैटानी होगी
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यात्रा के दौरान दो यात्रियों को रास्ते में छोड़ कर बस ले जाने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम (रोडवेज) को दोषी ठहराया है। आयोग ने दो अलग-अलग मामलों में यात्रियों को मानसिक संताप के लिए 10 हजार रुपये, वाद व्यय के रूप में चार हजार रुपये तथा किराया राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। नोएडा के रेल विहार, सेक्टर-3 निवासी धीरेंद्र कुमार दुबे 18 अक्टूबर 2020 को अपने साथी रामकुमार पांडे के साथ ऐटा से दिल्ली जाने के लिए यूपी रोडवेज की बस में सवार हुए थे। सुबह करीब 7:15 बजे बस अलीगढ़ पहुंची। वहां धीरेंद्र कुमार और उनके साथी ने परिचालक से अनुमति लेकर शौचालय जाने की बात कही। करीब चार मिनट बाद जब वे लौटे, तो बस उन्हें छोड़ कर जा चुकी थी। यात्रियों का सामान और बैग बस में ही रह गया था।
इसके बाद दोनों यात्री दूसरी बस से कौशांबी डिपो गए, जहां वही बस खड़ी मिली। यात्रियों ने चालक और परिचालक को पूरी घटना बताई, जिस पर दोनों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस संबंध में 18 अक्टूबर 2020 को क्षेत्रीय प्रबंधक, कौशांबी (गाजियाबाद) को शिकायत दी गई। जांच के बाद चालक और परिचालक को दोषी मानते हुए दोनों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद धीरेंद्र कुमार दुबे और उनके साथी रामकुमार पांडे ने जिला उपभोक्ता आयोग में अलग-अलग वाद दायर किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों मामलों की सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि चालक और परिचालक द्वारा यात्रियों को रास्ते में छोड़ देना सेवा में कमी है। चालक और परिचालक भले ही संविदा पर हों, लेकिन वे रोडवेज के कर्मचारी हैं, इसलिए उनकी गलती के लिए परिवहन निगम जिम्मेदार है। आयोग ने दोनों मामलों में रोडवेज को आदेश दिया कि वह प्रत्येक यात्री को 5-5 हजार रुपये मानसिक संताप के लिए, 2-2 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में तथा 326 रुपये किराया राशि 9 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित 30 दिन के भीतर अदा करे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें