जेवर डोमेस्टिक टर्मिनल पुलिस स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की स्वीकृति दी गई है। यहां एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, नौ मुख्य आरक्षी, 15 आरक्षी, दो आरक्षी चालक, तीन कंप्यूटर ऑपरेटर और तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इससे एयरपोर्ट टर्मिनल के भीतर हर गतिविधि पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
इसके अतिरिक्त एयरपोर्ट से जुड़े प्रमुख मार्गों और एक्सप्रेसवे को सुरक्षित एवं सुचारू बनाने के लिए चार अस्थायी पुलिस चौकियों की स्थापना की गई है। यह चौकियां थाना जेवर क्षेत्र में जेवर इंटरचेंज, थाना रबूपुरा क्षेत्र में करौरल अंडरपास, थाना दनकौर क्षेत्र में अच्छेजा कट और थाना दादरी क्षेत्र में बील कट पर स्थापित की गई हैं। इन चौकियों पर कुल 49 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो 24 घंटे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
इन अस्थायी चौकियों का मुख्य उद्देश्य यमुना एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-मुंबई हाईवे के माध्यम से एयरपोर्ट की ओर आने-जाने वाले यात्रियों और वाहनों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यात्रा उपलब्ध कराना है। प्रत्येक चौकी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक से युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जिनकी निगरानी एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से की जाएगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
सभी नए थानों और अस्थायी चौकियों को आधुनिक डिजिटल पुलिसिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इससे रियल टाइम सूचना का आदान-प्रदान आसान होगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सकेगी। इसके साथ ही दुर्घटना या चिकित्सा आपातकाल की स्थिति में समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय अस्पतालों और एंबुलेंस सेवाओं के साथ प्रभावी समन्वय प्रणाली विकसित की जा रही है। यातायात व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित करने के लिए एयरपोर्ट क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएस) लागू किया जाएगा। इससे वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी और जाम की स्थिति से बचा जा सकेगा।
एयरपोर्ट जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में स्थापित सभी अस्थायी पुलिस चौकियों पर अलग-अलग एक-एक पीआरवी वाहन डायल-112 भी तैनात किए गए हैं। यह पीआरवी वाहन एयरपोर्ट सुरक्षा मार्ग पर निरंतर पेट्रोलिंग करेंगे। जिससे यात्रियों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता मिल सकेगी और मार्ग पर पुलिस की प्रभावी मौजूदगी बनी रहेगी।
डीसीपी स्तर के अधिकारी की तैनाती होगी
पुलिस की ओर जो योजना तैयार हो रही है कि उसके मुताबिक भविष्य में नोएडा एयरपोर्ट के साथ जेवर के आसपास के लिए एक अतिरिक्त डीसीपी (आईपीएस) स्तर के अधिकारी की तैनाती हो सकती है। अभी तक एडीसीपी (पीपीएस) स्तर के अधिकारी की तैनाती है। अभी जिले में तीन जोन हैं। सभी जोन में डीसीपी स्तर की तैनाती है। इसके अलावा लाइन, ट्रैफिक, मुख्यालय, साइबर, नार्कोटिक्स, क्राइम की निगरानी के लिए अलग डीसीपी हैं।
पुलिसकर्मियों को दिया गया है प्रशिक्षण
इससे पहले 131 पुलिसकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग देकर इमीग्रेशन सेवाओं की सबसे महत्वपूर्ण जानकारी दी गई थी। यह ट्रेनिंग थ्योरी, फील्ड नॉलेज, प्रैक्टिकल, ई-वीज़ा मॉनिटरिंग, आईएफआरटी और इंटेलिजेंस गैदरिंग पर थी। दरअसल, इन पुलिसकर्मियों को फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) लखनऊ के माध्यम से ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन की अनुशंसा पर प्रशिक्षित किया गया है। ट्रेनिंग का उद्देश्य इन्हें फर्जी वीजा, पासपोर्ट, मानव तस्करी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले अपराधों की पहचान और तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार करना है।
सभी पुलिसकर्मी ग्रेजुएट हैं, 50 वर्ष से कम उम्र के हैं और कंप्यूटर व अंग्रेजी भाषा में दक्ष हैं। एयरपोर्ट के संचालन के साथ ही इमीग्रेशन काउंटर भी सक्रिय होंगे। इन काउंटरों पर यूपी पुलिस के प्रशिक्षित अधिकारी तैनात रहेंगे। जो न केवल यात्रियों के लिए फ्रेंडली होंगे, बल्कि किसी भी अपराध या संदिग्ध गतिविधि की पहचान कर त्वरित कार्रवाई भी कर सकेंगे।