लोनी। गाजियाबाद पुलिस की वर्दी एक बार फिर दागदार हुई है। कार चोर गैंग से लोनी थाने में तैनात रहे सिपाही मनीष कुमार चौहान को निलंबित कर दिया गया है। यह फैसला कार चोरी के मामले में सिपाही की संलिप्तता सामने आने के बाद लिया गया। रविवार को निलंबन की कार्रवाई करते हुए मामले की जांच में भी सिपाही का नाम शामिल कर दिया गया है। मामला 31 अगस्त को लिंकरोड क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए अंतरराज्यीय कार चोर गैंग के सदस्य सलमान फारुखी से पूछताछ के बाद सामने आया था।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि लिंक रोड थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने 31 अगस्त को मुठभेड़ के दौरान अंतरराज्यीय कार चोर गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार किए थे। इनमें निवाड़ी के सौंदा निवासी फारुख सलमानी और मोदीनगर के बेगमाबाद का रहने वाला शाहनवाज उर्फ गोलू शामिल था। पुलिस पूछताछ में फारुख सलमानी ने लोनी थाने में तैनात सिपाही मनीष कुमार चौहान का नाम लिया था। बताया था कि सिपाही ने ऑनडिमांड रिश्तेदार को गाड़ी देने के लिए गैंग से कार चोरी करवाई थी।
आरोप है कि फारुख ने सिपाही मनीष के कहने पर लिंक रोड इलाके से कार चोरी की थी। इसके बाद कार को मुरादनगर के ऑर्डिनेंस फैक्टरी में खड़ा कर दिया। लिंक रोड थाना पुलिस सीसीटीवी की मदद से कार तक पहुंची। सिपाही मनीष टीम को मिला और चाय पिलाने के बहाने फैक्टरी से दूर ले गया, जब तक टीम वापस लौटी तब तक कार फैक्टरी से गायब हो चुकी थी। हालांकि इससे पहले ही लिंकरोड पुलिस कार में जीपीएस लगा चुकी थी। ट्रेस करने पर कार बागपत से बरामद हुई। मामला सामने आने के बाद सिपाही की गोपनीय जांच शुरू हुई। डीसीपी ग्रामीण ने बताया कि क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के आधार पर सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि जांच में सिपाही का नाम शामिल कर दिया गया है। फिलहाल स्वाट टीम सिपाही की तलाश कर रही हैं। अभी तक सिपाही की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पूर्व में जेल भी जा चुका है सिपाही
सिपाही मनीष कुमार चौहान करीब चार माह से लोनी थाने में तैनात थे। इससे पहले वह मुरादनगर थाने में तैनात रहे। सिपाही के विवादों में रहने का सिलसिला पुराना है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2019 में सिपाही की तैनाती हापुड़ में थी। इस दौरान उन पर आरोपी की हिरासत में मौत पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था और वह जेल भी भेजे गए थे।