करनाल। सचिवालय में स्वच्छ शहर जोड़ी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह के बाद मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय में किसान मुआवजे का इंतजार ही करता रह जाता था। कांग्रेस सरकार मुआवजे के नाम पर रुपये तक का चेक देती थी। जिसे किसान गुस्से से फाड़कर फेंक देता था। चूंकि उसे चेक के भुगतान के लिए 500 रुपये लगाकर बैंक का खाता खुलवाना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने दस सालों के कार्यकाल में प्रदेश के किसानों को महज 1157 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया। भाजपा की सरकार ने अपने साढ़े दस साल में 15500 करोड़ रुपये बतौर मुआवजा किसानों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के किसानों को 3100 रुपये बोनस देने के बयान पर तंज सकते हुए कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ बातें करने का है जबकि भाजपा ने हर काम धरातल पर उतर कर किया है। भाजपा की सरकार ने सबसे पहले किसानों की खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। जो किसान इस पोर्टल पर अपनी खराब फसल का पंजीकरण कराएगा सरकार उसे मुआवजा देने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन किया है जल्द ही उनको पटवारियों से जांच करने के बाद मुआवजा देने का काम शुरू हो जाएगा। धान खरीद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में धान खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। इसकी निगरानी को लेकर सभी मंडियों में एक-एक अधिकारी को तैनात किया गया है। धान में नमी की मात्रा को लेकर थोड़ी दिक्कत हो सकती है लेकिन खरीद का काम रुका नहीं है। किसानों की मांग पर मंडियों में इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाने का काम भी किया जा रहा है।
06.... लघु सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। संवाद