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Noida News: त्योहार मनाने में जुटे रहे फरियादी, तहसीलों में कम पहुंची शिकायतें

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जिले की तहसीलों में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर त्योहारों का असर दिखा। चारों तहसीलों में महज 162 फरियादी ही पहुंचे। इसमें भी सिर्फ 21 का ही समाधान हो पाया। रॉबर्ट्सगंज में डीएम-एसपी ने शिकायतें सुनीं। अधिकारियों को मौके पर जाकर गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए निर्देशित किया।
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राॅबर्ट्सगंज तहसील में डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी अभिषेक वर्मा की मौजूदगी में संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 63 शिकायती पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 12 मामले निस्तारित हुए, बाकी 51 कुछ मामलों में समय सीमा तय हुई।
ओबरा तहसील में 34 शिकायतें में से चार का ही निस्तारण हुआ, जबकि 30 को निराशा मिली। घोरावल में 44 शिकायतों में से महज चार ही निस्तारित हुई। जबकि 40 मामलों में आश्वासन दिया गया।
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दुद्धी: एसडीएम निखिल यादव की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 21 प्रार्थना पत्र आए। इसमें एक का निस्तारण हुआ। एसडीएम ने कहा कि प्रार्थना पत्रों का निस्तारण मौके पर जाकर, संबंधित पक्षों को सुनने के बाद ही करें।
पक्षपात की शिकायत एवं पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, सीओ राजेश कुमार राय, तहसीलदार अंजनी गुप्ता, बीडीओ दुद्धी रामविशाल चौरसिया आदि मौजूद रहे।

पैसा लिया फिर भी नहीं मिली एनओसी
सिद्धी खुर्द निवासी गुलाब प्रसाद ने बताया कि उन्होने पंजाब नेशनल बैंक राॅबर्ट्सगंज से कृषि के लिए ऋण स्वीकृत कराया था। प्रबंधक ने एकमुश्त समाधान योजना के अधीन चार लाख रुपया जमा कर अदेय प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए लोक अदालत में समझौता किया। ओटीएस का कागज दिया गया। समझौता के तहत पैसा भी जमा कर दिया। शाखा प्रबंधक ने दो दिन बाद अदेय पत्र जारी करने के लिए कहा, मगर अब अदेय प्रमाण-पत्र नही जारी किया जा रहा है।

शिकायत का हो गया निस्तारण पर नहीं मिला शौचालय

चतरा ब्लॉक के लेडुआ निवासी रघुनाथ ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वो बेहद गरीब है। किसी प्रकार अपना जीवको पार्जन कर रहा है। जो अभी तक शौचालय नहीं बनवा सका है। उसके पास उसे बनवाने का सामर्थ नहीं है। वह अधिकारियों से शौचालय के लिए गुहार लगाकर थक गया। पूर्व में तहसील दिवस में शिकायत किया जो सेग्रेटरी ने यह कहकर सादे कागज पर हस्ताक्षर बनवा लिया कि उसके खाते में शौचालय के लिए धनराशि भेजी जाएगी। पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में सभी खुले में शौच जाते हैं।
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