फिरोजपुर झिरका। खानपुर घाटी गांव के लोगों ने शुक्रवार को बिजली कर्मियों के खिलाफ विभाग के मुख्य कार्यकारी अधीक्षण अभियंता से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह पूर्व जल वितरण केंद्र और स्कूल के करीब रखा बिजली ट्रांसफार्मर किसी कारण से जल गए थे। दो ट्रांसफार्मर एक साथ जलने से गांव में बिजली संकट पैदा हो गया। ग्रामीणों के अनुसार इसकी शिकायत स्थानीय बिजली कर्मियों से गई, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत पर बिजली कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया, गांव के लोग तीन- चार दिन तक बिजली और पेयजल संकट से जूझने लगे।
ग्रामीणों ने बार- बार बिजली कर्मियों से ट्रांसफार्मर बदलने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, अंत में बिजली कर्मियों ने ग्रामीणों से कहा की ट्रांसफार्मर बदलने के लिए 7000 रुपये देने होंगे तथा जलवितरण केंद्र के करीब जले ट्रांसफार्मर के अलग पैसे देने होंगे। इसके बाद परेशान ग्रामीणों ने सभी परिवारों से 100- 100 रुपये जमाकर 7000 रुपये बिजली कर्मियों को दिए तब जाकर एक सप्ताह बाद नया बिजली ट्रांसफार्मर बदला गया। ग्रामीणों ने बताया कि मामला यही नहीं थमता बिजली की छोटी- छोटी शिकायतों को दूर करने के बदले भी सुविधा शुल्क ग्रामीणों को बिजली कर्मियों को चुकानी पड़ती है।
बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से बिजली शिकायतों को दूर करने के बदले सुविधा शुल्क वसूलने का काम पूरी मेवात में चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि शिकायत करने वाले का पता चलता है तो उसे बिजली चोरी में फंसा कर परेशान किया जाता है।
प्रदेश के नवनियुक्त बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला की भ्रष्टाचार मुक्त बिजली सेवा देने के आदेशों की स्थानीय बिजली कर्मी धज्जियां उड़ा रहे हैं।
इस संबंध में सहीद, जमाल, नसरू, साकिर ने शिकायत भेजकर मुख्य कार्यकारी अधीक्षण अभियंता पलवल डिवीजन से विभाग में फैले भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने की मांग की है। इस संबंध में एससीएस दहिया ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।