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कंपनी सील, 3 अधिकारियों पर मुकदमा

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फैक्टरी के दस्तावेज की जांच करते एसडीएम विजेंदर सिंह हुड्डा। - फोटो : Mewat
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कंपनी सील, 3 अधिकारियों पर मुकदमा
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नूंह। जिले के रोजकामेव आईएमटी स्थित फैक्टरी में बॉयलर फटने से रविवार को हुई चीन के दो इंजीनियरों सहित तीन कर्मचारियों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने कंपनी को जांच पूरी होने तक के लिए सील कर दिया है। नूंह के एसडीएम विजेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को पुसिलिन बायोटेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में घटना स्थल का दौरा किया और कंपनी से संबंधित जानकारी हासिल की। पहली नजर में कंपनी में कई खामियां पाई गई हैं। उधर पुलिस ने कंपनी के तीन बडे़ अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच में शामिल होने के लिए कहा है। पुलिस ने कंपनी के ऑपरेटर विक्की राजपूत के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जबकि चीन के दोनों मृतक इंजीनियरों के पोस्टमार्टम कराने की चीनी दूतावास से मंजूरी नहीं मिली है। वहीं मौके पर की गई जांच में कंपनी में लगे अग्निशामक यंत्र भी खराब मिले जिसे पुलिस की मौजूदगी में अग्निशमन अधिकारियों ने अपने कब्जे में ले लिया।
मृतक के परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
कंपनी के ऑपरेटर एवं सोहना थाना के गांव दौला निवासी विक्की राजपूत के पिता जगत सिंह ने कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही से विक्की की मौत बताते हुए कंपनी के जीएम शेखर सिंह, निदेशक विवेक चोपड़ा और मैनेजर शकील के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। रोजकामेव थाना प्रभारी चंद्र भान ने बताया कि मृतक विक्की के पिता जगत सिंह ने आरोप लगाया कि कंपनी में काफी समय से कुछ उपकरण खराब थे। जिन्हें लापरवाही के कारण कंपनी के अधिकारियों ने ठीक नहीं कराया था। उनकी लापरवाही से ही विक्की की मौत हुई है। अगर समय पर उपकरणों को ठीक कराया जाता तो हादसे को टाला जा सकता था। जांच अधिकारी ने बताया कि तीनों अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच में जो भी तथ्य पाए जाएंगे, कार्रवाई की जाएगी।
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लेबर विभाग से कंपनी को मंजूरी नहीं है : श्रम विभाग के कानून के तहत अगर किसी कंपनी में दस से अधिक मजदूर कार्य करते हैं तो इसकी मंजूरी श्रम विभाग से लेनी होती है। जानकारी के अनुसार कंपनी में करीब 56 कर्मचारी कार्यरत हैं और जब हादसा हुआ उस समय 38 कर्मचारी कंपनी में मौजूद थे। लेकिन लंच का समय होने की वजह से वे कंपनी से बाहर खाना खाने गए थे। श्रम विभाग के उप निदेशक रविंद्र मलिक ने बताया कि कंपनी के पास लेबर विभाग से भी कोई मंजूरी नहीं थी।
कंपनी 2014 से कार्यरत है : रोजकामेव उद्योगिक क्षेत्र में पुसिलिन बायोटेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी वर्ष 2014 से कार्यरत है। इसमें पशुओं की हड्डियों को पीसकर पाउडर बनाकर विदेश भेजा जाता है। प्रशासन और पुलिस विभाग कंपनी के इन कागजों को भी खंगालने में लगा हुआ कि कंपनी के पास एक्सपोर्ट करने का लाइसेंस है या नहीं। अगर है तो कब तक का है और कौन से देश के लिए है। विभाग इस बात का भी पता करने में लगा है क्या ड्रग विभाग से इसकी मंजूरी थी या नहीं।
चालू हालत में नहीं थे अग्निशामक
कंपनी ने फायर विभाग से एनओसी तो ले रखी है लेकिन मौके पर सुरक्षा यंत्र चालू हालत में नहीं मिले, पुलिस ने चार सुरक्षा यंत्रों को कब्जे में लिया है। नूंह फायर विभाग के सहायक फायर ऑफिसर छतरू खान ने बताया कि कंपनी ने फायर विभाग से मंजूरी तो ले रखी है। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ जब कंपनी का दौरा किया तो कई उपकरण खाली पडे़ थे। उन्होंने बताया कि सभी उपकरण चालू हालत में होने चाहिए लेकिन हाईडेंट पाईप लाईन सहित कई उपकरण सूखे पडे़ थे। जबकि कंपनी को समय-समय पर उनकी जांच कराई जानी चाहिए थी।
चीनी नागरिकों का अभी नहीं हो सका पोस्टमार्टम
जांच अधिकारी चंद्रभान ने बताया कि चीनी नागरिक चीफ इंजीनियर जीजिआन और प्रोडक्शन इंजीनियर झांग यांग के शवों का पोस्टमार्टम अभी नहीं किया जा सका है। यह तब तक नहीं किया जा सकता जब तक उन्हें चीनी दूतावास से मंजूरी नहीं मिल जाती है। मंजूरी के लिए चीनी दूतावास को रात को ही मेल कर दी गई थी और वहां से मेल का जवाब भी आया है लेकिन अभी तक पोस्टमार्टम की इजाजत नहीं मिली है।
विक्की की चार महीने पहले ही शादी हुई थी
गांव दौला निवासी जगत सिंह के दो बेटे और दो बेटियां हैं, दोनो बेटियां शादीशुदा हैं। वहीं एक बेटा फौज में देश की सेवा कर रहा है जबकि दूसरा बेटा विक्की पुसिलिन बायोटेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। विक्की की दस फरवरी 2019 को धूमधाम से शादी हुई थी। विक्की की अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में हैं। मां, बाप और उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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क्या कहते हैं एसडीएम
नूंह के एसडीएम विजेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि जांच पूरी होने तक कंपी को सील कर दिया गया है। कंपनी के हर पहलू की जांच की जा रही है। इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि कंपनी के तीन लोगों की मौत किन कारणों से हुई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कंपनी क्या सभी नियमों का पालन कर रही थी या नहीं?
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