संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। शहर की तंग गलियों और किराए के छोटे-छोटे कमरों में रहने वाले कई छात्रों ने इस बार 10वीं के परिणामों में अपनी मेहनत से बड़ा इतिहास रच दिया है। सीमित संसाधनों और साधारण जीवन परिस्थितियों के बावजूद इन छात्रों ने साबित कर दिया कि सफलता हालातों की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत और लगन की होती है।
गढ़ी शाहदरा गांव में किराये के कमरे में रहने वाले पवन सिंह ने 93 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं ममूरा में रहने वाली प्रिया ने 92.83 प्रतिशत अंक लाकर चौथा स्थान हासिल किया है। सेक्टर-16 की शिवानी और छिजारसी की हिरेश कुमारी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में अपनी अलग पहचान बनाई है। इन सभी छात्रों की खास बात यह है कि ये सभी नोएडा में किराए के कमरों में रहकर पढ़ाई करते हैं। छोटे कमरों में सीमित सुविधाओं के बावजूद इन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।
देर रात तक पढ़ाई करना, स्कूल के बाद ट्यूशन जाना और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए इन्होंने अपनी मेहनत को लगातार जारी रखा। इन छात्रों का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे उनके माता-पिता का त्याग और समर्थन सबसे बड़ा कारण रहा है। किसी के पिता निजी नौकरी करते हैं तो किसी की मां घरेलू काम या सिलाई करके परिवार का सहारा बनती हैं। आज जब इन छात्रों ने अच्छे अंक हासिल किए हैं, तो उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। किराए के छोटे कमरे से शुरू हुई यह यात्रा अब बड़े सपनों की ओर बढ़ चुकी है।