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साथियों ने किशोर के डूबने की बात छुपाने के लिए नहर में फेंक दी थी बाइक और कपड़े

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रबूपुरा। गांव आकलपुर में साथियों के साथ नहर में नहाने गया किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में डूब गया था। 16 जुलाई की दोपहर करीब 12 बजे हुई घटना के बाद मुदित (15) के दोनों साथियों ने इसकी सूचना परिजनों को नहीं दी थी। डूबने की बात छुपाने के लिए उन्होंने मुदित की बाइक और कपड़े भी नहर में फेंक दिए थे। साथ नहाने गए लोकेश (22) निवासी आकलपुर और एक किशोर ने बुधवार को पकड़े जाने के बाद यह खुलासा किया। कोतवाली पुलिस ने उनकी निशानदेही पर नहर से गोताखोरों की मदद से बाइक और कपड़े बरामद कर लिए हैं।
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इससे पहले आकलपुर निवासी चरण सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि उनका पोता मुदित 16 जुलाई की दोपहर करीब 12 बजे अपने दो साथियों के साथ बाइक से गोबरा-हसनपुर के बीच नहर में नहाने गया था। कोतवाली पुलिस ने तहरीर पर अगवा करने का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। 17 जुलाई को रबूपुरा पुलिस को अलीगढ़ के थाना पिसावा में शादीपुर ब्रांच की गंगनहर से एक किशोर का शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस टीम मुदित के परिजनों के साथ थाना पिसावा पहुंची। जहां परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली। मौके पर मुदित के गले, हाथों तथा पैरों में चोट के निशान देख उसके दादा ने हत्या की आशंका जताई थी।
बुधवार को पुलिस ने मुदित के साथ नहाने गए लोकेश (22) निवासी आकलपुर और एक किशोर को आकलपुर चौराहे से पकड़ लिया। कोतवाली पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर गोताखोरों की मदद से भौयरा की नहर से मुदित की बाइक और कपड़े बरामद कर लिया।
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‘मुदित के डूबने के बाद घबरा गए थे हम दोनों’
पुलिस की पूछताछ में लोकेश ने बताया कि 16 जुलाई को किशोर और मुदित के साथ बाइक से नहर में नहाने गया था। नहाते समय मुदित नहर के गहरे पानी में चला गया और डूब गया था। मुदित के डूब जाने से दोनों घबरा गए। दोनों ने साथ मिलकर मुदित के डूबकर मरने के सबूत मिटाने के उद्देश्य से बाइक और कपड़े नहर में फेंक दिए। लोकेश ने कहा कि मुदित के नहर में डूबने की सूचना परिजनों को नहीं देने का पछतावा है। वहीं आरोपी किशोर को मुदित भैया कहकर बुलाता था। लोकेश ने कहा डूबने के दौरान मुदित की मदद नहीं कर पाने, डूबने की सूचना परिजन को नहीं देने व उसकी बाइक नहर व कपड़े नहर में फेंकने का आज भी पछतावा है।
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