जिले में पंजीकृत हैं 18 हजार से ज्यादा हैं सीएनजी ऑटो, बसों में भी नहीं इंतजाम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आवागमन के लिए सबसे सुगम मानकर रोजाना हजारों लोग सीएनजी ऑटो में सफर करते हैं लेकिन इनमें सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। सड़कों पर अधिकतर सीएनजी वाहन बिना फायर एक्सटिंग्विशर के फर्राटा भर रहे हैं जबकि नियमों के मुताबिक इन वाहनों में फायर एक्सटिंग्विशर रखना अनिवार्य है। सबसे चिंताजनक स्थिति रोडवेज से संचालित बसों की है। नोएडा डिपो की सारी बसें सीएनजी हैं। इन बसों में भी सुरक्षा उपकरणों का अभाव है। ऐसे में यदि किसी बस में गैस रिसाव, शॉर्ट सर्किट या आग लगने जैसी अप्रिय घटना होती है तो शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाना मुश्किल हो सकता है।
फिटनेस में होती है जांच
परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार सीएनजी वाहनों की फिटनेस जांच के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, गैस किट की स्थिति और सिलिंडर की वैधता की जांच अनिवार्य होती है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा।
जिम्मेदार नहीं निभा रहे भूमिका
परिवहन विभाग की ओर से इस मामले में कोई सख्ती नहीं की जा रही है। सड़कों पर चलने वाले सीएनजी वाहनों की इन बिंदुओं के आधार पर जांच तक नहीं की जाती।
वर्जन
वाहनों की जांच लगातार की जाती है। खामियां मिलने पर उसके आधार पर कार्रवाई भी की जाती है। ऐसे वाहन चिन्हित करके कार्रवाई की जाएगी।
-नंद कुमार, एआरटीओ।