-12 टीमों को मिले 40 लाख के पुरस्कार, एआई और वेब-थ्री आधारित नवाचार सबसे ऊपर रहे
-रेखा गुप्ता बोलीं- युवाओं में है मलबे को सोने में बदलने की क्षमता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन 2025 के ग्रैंड फिनाले में 12 विजेता टीमों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा, युवा दिल्ली के विकास की रफ्तार को चार गुना बढ़ा सकते हैं। वे चाहें तो मलबे को भी सोना बना सकते हैं। ये आयोजन दिल्ली को नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
दिल्ली सरकार के पहले इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन का ग्रैंड फिनाले अशोक होटल में हुआ। इसमें दिल्ली के 20 कॉलेजों की 12 टीमों ने बाजी मारी और 40 लाख रुपये के पुरस्कार जीते। इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन की वेबसाइट पर 2 लाख लोगों ने विजिट किया। 1,147 टीमों ने आवेदन किया, जिनमें से 652 लोगों के वैध रहे। इसमें से 124 टीमें प्रीलिम में पहुंचीं, 40 फाइनलिस्ट बनीं और 12 विजेता चुनी गईं। ये आयोजन दिल्ली सरकार के डीएसआईआईडीसी ने एनएसयूटी के साथ मिलकर किया। इसमें एनएसयूटी, आईजीडीटीयूडब्ल्यू, डीटीयू, जेएनयू के छात्र शामिल रहे।
हमारी आबादी बोझ नहीं, ताकत है
मुख्यमंत्री ने कहा, भारत की आबादी बोझ नहीं, ताकत है। अगर हम साथ मिलकर काम करें, तो दिल्ली भारत का सबसे बेहतरीन शहर बनेगा। उन्होंने पानी, सीवरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी चुनौतियों को अवसर में बदलने की बात कही। उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, दिल्ली कई देशों से बड़ी है। युवाओं के नए विचारों के साथ हम पीएम मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करेंगे।
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विजेताओं ने पेश किए कई आकर्षक विचार
टीम अल्फा ने एआई आधारित पार्क एन्ड लोड लॉजिस्टिक सिस्टम, इंडस्ट्रियल माइंड्स, इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय ने स्मार्ट एसईजेड मॉडल, फुलस्टैक अलकेमिस्ट्स (एनएसयूटी) ने 90 मिनट में वेस्ट को फ्यूल में बदलने वाली ट्रायल मशीन और नेक्स्टजेन कोडर्स (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) ने वेब-थ्री आधारित एमएसएमई प्लेटफॉर्म नेक्सोरा बनाया है। मंजिंदर सिंह सिरसा ने ऐलान किया कि जल्द ही प्रदूषण और पर्यावरण पर भी आइडियाथॉन होगा। सभी 40 फाइनलिस्ट विचारों को एक कॉफी टेबल बुक में दर्ज किया जाएगा।