पुन्हाना/पिनगवां। कोरोना महामारी में जान जोखिम में डालकर काम करने वाले ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर अपनी बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर 26 मई को सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल और बीडीपीओ ब्लॉक पर प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के पिनगवां ब्लॉक के प्रधान मिथुन, तावडू ब्लॉक प्रधान सुनील, नूंह ब्लॉक प्रधान वेद प्रकाश, पुन्हाना ब्लॉक प्रधान इंद्र व सचिव महेर चंद ने बताया कि एक तरफ केंद्र व राज्य सरकार सफाई कर्मियों को कोरोना योद्धा की उपाधि दे रही है। लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है। सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों को कोरोना से बचाव लिए अब तक मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर, पीपीई किट तक नहीं दिए हैं। कोरोना मरीज की मौत होने पर कर्मचारी दाह संस्कार करते हैं, लेकिन सरकार दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि नहीं दे रही। जबकि शहरी सफाई कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा वाहवाही लूटने के लिए 4 अप्रैल 2021 को मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सफाई कर्मियों के मासिक वेतन में 1500 रुपये बढ़ोतरी, वेतन लेट होने पर 500 रुपये हर्जाना और साधारण मौत होने पर 2 लाख व कार्य के दौरान मौत होने पर 5 लाख बीमा कवरेज देने की घोषणा तो कर दी लेकिन उसका नोटिफिकेशन आज तक जारी नहीं किया गया। न ही झाड़ू भत्ता, वर्दी धुलाई भत्ता तय किया। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार की इस बेरुखी के खिलाफ ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को जिले भर में काली पट्टी लगाकर विरोध दिवस मनाया। सभी ग्रामीण सफाई कर्मियों ने कर्मचारी की कोरोना से मौत होने पर 50 लाख बीमा राशि देने, बीती 4 अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं का नोटिफिकेशन जल्द जारी करने की मांग की।