-सीयूईटी यूजी परीक्षा परिणाम न आने से नया सत्र शुरु होने में देरी के कारण बन रही योजना
-कुलपति बोले, रिजल्ट आने में लगने वाले समय के आधार पर लिया जाएगा फैसला
-15 दिन की देरी पर शनिवार को ही कक्षाएं लगाकर पाठ्यक्रम को कराया जाएगा पूरा
-आईपी विश्वविद्यालय प्रशासन कर रहा एक अगस्त से नया सत्र शुरु करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) यूजी का रिजल्ट नहीं आने से विभिन्न विश्वविद्यालयों का अकादमिक कैलेंडर प्रभावित हो रहा है। इस कारण से नए सत्र कक्षाएं भी देरी से शुरु होंगी। विश्वविद्यालय अपने-अपने स्तर पर इसकी भरपाई करने की योजना बना रहे हैं। अंबेडकर विश्वविद्यालय ने सत्र शुरु होने में देरी होने पर शनिवार व रविवार को कक्षाएं लगाने की योजना बनाई है। रिजल्ट आने में कितना समय लगेगा उसके आधार पर इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। विश्वविद्यालय सत्र शुरु होने में देरी पर स्थिति की समीक्षा करेगा।
अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने बताया कि पहले वर्ष (नए छात्रों) को छोड़कर बाकी छात्रों के लिए कक्षाएं एक अगस्त से शुरु कर दी जाएंगी। अभी हम सीयूईटी रिजल्ट आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। रिजल्ट देर से आने पर हमने अतिरिक्त कक्षाएं व शनिवार-रविवार को भी कक्षाएं आयोजित करने की योजना बनाई है। इससे छात्रों की कक्षाओं की भरपाई हो सकेगी। पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए ऐसा करना पड़ेगा। इस तरह से छात्र छ: से सात दिन तक पढ़ाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि रिजल्ट आने में 15 दिन की देरी होती है तो केवल शनिवार को ही कक्षाएं लगाएंगे। अभी हम रिजल्ट आने का इंतजार कर रहे हैं उसके जारी होने के बाद देखेंगे कितनी देरी हुई है और किस तरह से कक्षाएं लगानी है। रिजल्ट जारी होने में ज्यादा देरी होने पर स्थिति की समीक्षा की जाएगी। कुलपति ने उम्मीद जताई है कि 15 अगस्त तक कक्षाएं शुरू हो सकती है। वहीं, गुरु गोबिंद सिंह विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर के दाखिले सीईटी से होने से सत्र की शुरुआत एक अगस्त से करने की तैयारी की जा रही है। दरअसल आईपीयू में दाखिले में पहली प्राथमिकता सीईटी परीक्षा को दी जाती है, जबकि दूसरी प्राथमिकता सीयूईटी रहती है। वहीं, डीयू में स्नातक के दाखिले पूरी तरह से सीयूईटी स्कोर के आधार पर होने हैं। सीयूईटी का रिजल्ट नहीं आने से वहां पहले वर्ष के छात्रों के लिए एक अगस्त से सत्र शुरु नहीं हो सकेगा। प्रशासन रिजल्ट आने के बाद ही अकादमिक कैलेंडर जारी करेगा। सत्र शुरू होने में देरी से इसमें बदलाव होने की संभावना है।