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Noida News: 36008 क्विंटल खाद की आपूर्ति का दावा, फिर भी समितियों पर उमड़ रही भीड़

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मालव साधन सहकारी समिति पर खाद के लिए जुटे किसान।संवाद
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मऊ। रबी फसल की बुआई का समय शुरू हो गया है, लेकिन समितियों पर किसानों को मांग के अनुरूप डीएपी नहीं मिल पा रही है। किसान घंटों लाइन में लगने के बाद बैरंग लौटने को विवश हैं। समितियों पर खाद न मिलने से निजी दुकानों के दुकानदार मुनाफा कमा रहे हैं। परेशान किसानों को निजी दुकानों से अधिक दाम पर डीएपी खरीदनी पड़ रही है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जिले के नौ ब्लाकों में 92 समितियों पर डीएपी 4932 मीटरीक टन में से 36000 क्वींटल खाद की आपूर्ति हो चुकी है। एनपीके 1492 मीट्रिक टन में से 432 मीट्रिक टन की आपूर्ति हो चुकी है। उधर, विभाग के दावे के इतर समितियों पर खाद लेने के लंबी कतारें और किसानों के आरोप विभागीय अधिकारियों के दावे को कागजी साबित कर रहे हैं।
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जिले में 92 साधन सहकारी समितियां हैं। धान की फसल कट रही हैं। अब किसानों ने खेतों की भराई कर आलू, गेहूं सहित अन्य फसलों की बुआई शुरू हो चुकी। खेत तैयार हो गया है, लेकिन किसानों को मांग के अनुरूप डीएपी नहीं मिल पा रही है। समितियों पर डीएपी नदारद रहने से निजी दुकानदारों की चांदी कट रही है। आंकड़ों के अनुसार रबी सीजन में डीएपी का 4932 एमटी में से 36000 क्वींटल की आपूर्ति की गई है। जबकि एनपीके 1492 एमटी में से 432 एमटी की आपूर्ति की गई है। एनपीके का स्टॉक शून्य है। जबकि डीएपी का 750 एमटी का स्टॉक रिजर्व है। अधिकारियों की मानें तो 150-150 बोरी डीएपी प्रति समिति को भेजी गई है। समितियों पर भेजी गई डीएपी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि समिति पर कब डीएपी आ रही है। कब वितरित कर दी जा रही है। किसानों को पता नहीं चल पा रहा है। किसानों को निजी दुकानों से अधिक कीमत पर डीएपी खरीदना पड़ रहा है।


प्रतिक्रिया

रबी सीजन में किसानों को मांग के अनुरूप डीएपी नहीं मिल पा रही है। परेशान किसानों को निजी दुकानों से अधिक दाम पर डीएपी खरीदना पड़ रही है । समितियों पर डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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देवप्रकाश राय, किसान नेता

अक्तूबर बीतने को है, लेकिन किसानों को डीएपी के लिए समितियों पर चक्कर काटना पड़ रहा है। समितियों पर खाद की किल्लत होने से निजी दुकानदार अधिक कीमत वसूल रहे हैं। अधिक दाम पर खाद बेच रहे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।


राकेश सिंह, किसान नेता
कोट
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डिमांड के अनुसार साधन सहकारी समितियों पर डीएपी और एनपीके की आपूर्ति की जा रही है। इ-पॉस मशीन से खाद बांटा जा रहा है। नेटवर्क की समस्या से समितियों पर भीड़ लग जा रही है।

सुनील कुमार सिंह, एडीसीओ, सहकारिता

मालव साधन सहकारी समिति पर खाद के लिए जुटे किसान।संवाद

मालव साधन सहकारी समिति पर खाद के लिए जुटे किसान।संवाद

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