संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भाईदूज पर लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने के दावे वीरवार को खोखले साबित हुए। बस स्टैंड यमुनानगर व जगाधरी पर लोग दिनभर यह ताकते रहे कि बस कब आएगी। लोगों में बसों में चढ़ने की होड़ मची रही। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि बस स्टैंड के अंदर व बाहर जाम की स्थिति रही।
विभिन्न जगहों से आए भाई अपनी बहनों से तिलक करवाने को लेकर जितने उत्साहित थे, बसों की कमी से उन्हें हताश कर दिया। बाहर से कोई बस आती तो लोग उसमें चढ़ने के लिए लपक पड़ते। यात्री बसों की कमी के चलते प्रशासन को कोसते नजर आए। जब बस नहीं मिली तो काफी यात्री ऑटो या फिर निजी कैब में सवार होकर अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो गए।
रोडवेज अधिकारियों ने कहा था कि भाई दूज पर यात्रियों के लिए 150 से ज्यादा बस चलाई जाएंगी। परंतु इंतजाम नाकाफी नजर आए। बसों की कमी की वजह से काउंटर पर बहुत देर तक कोई बस नहीं लगी। शायद ही कोई ऐसा काउंटर था जिस पर यात्रियों की भीड़ न रही हो।
छछरौली निवासी जयपाल व संदीप ने बताया कि उन्हें आज अपनी बहन के पास तिलक करवाने के लिए अंबाला जाना था। वह बस स्टैंड यमुनानगर पर आधा घंटा से खड़े हैं, लेकिन कोई बस नहीं आई। इसी तरह गढ़ी बीरबल जा रहे रामजी लाल ने बताया कि वह पौना घंटा से काउंटर के बाहर खड़ा है, लेकिन बस नहीं आई। बस स्टैंड पर भीड़ बहुत ज्यादा है। पता नहीं कब तक उसकी बस आएगी। रोडवेज बस अड्डे के प्रबंधक संदीप सैनी अपनी टीम के साथ व्यवस्था को संभालते हुए नजर आए। भीड़ की वजह से यात्रियों को बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ा। जो भाई अपनी बहन या बुआ के घर जा रहे थे उनके साथ पत्नी व बच्चे भी थे। इसलिए उन्हें बस में चढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। महिलाओं व पुरुषों को बसों में सीट नहीं मिली।
यमुनानगर डिपो की बस पिपली में खराब
वीरवार को यमुनानगर डिपो की बस कुरुक्षेत्र में पिपली के पास खराब हो गई। इसलिए यात्रियों को काफी परेशानी हुई। यमुनानगर डिपो की बस दोपहर एक बजे बस स्टैंड यमुनानगर से कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुई थी। बस पिपली में बाईपास से पहले पहुंची तो वह अचानक झटके लगने से बंद हो गई। ड्राइवर ने यात्रियों को बताया कि बस का गियर बक्सा खराब हो गया है। शहर के खालसा कॉलेज रोड निवासी सुनीता शर्मा ने बताया कि कुछ ही देर में पीछे से दूसरी बस आ गई। वह बस पहले से ही यात्रियों से भरी हुई थी। फिर भी उसमें कुछ यात्री सवार हो गए। जहां पर बस खराब हुई थी उसके पास ही बाइक मैकेनिक का खोखा था। मैकेनिक ने जुगाड़बाजी करके किसी तरह 20 से 25 मिनट बाद बस को स्टार्ट कर दिया। इसके बाद बस कुरुक्षेत्र में नए अड्डे तक पहुंची।
बस अड्डे पर ही सो गए थके यात्री
बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों को जब बस नहीं मिली तो कई बुजुर्ग ऐसे थे जो बस स्टैंड की सीट पर लेट कर सो गए। उन्होंने सामान से भरे बैग को अपना तकिया बनाया और सिर के नीचे रख कर उस पर सो गए। कई महिलाएं तो बस काउंटर के पास ही सो गई। बसों की कमी के चलते कॉलेजों व आईटीआई में पढ़ने वाले यात्री भी परेशान रहे।
त्योहारों में बस अड्डे पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों से तीन गुना तक बढ़ जाती है। रोडवेज की तरफ से कुछ अतिरिक्त बसें चलाई गई थी। भीड़ बहुत ज्यादा थी। इसके बावजूद यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी गई। - संजय रावल महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।
बस स्टैंड में लगी लोगों की भीड़। संवाद
बस स्टैंड में लगी लोगों की भीड़। संवाद
बस स्टैंड में लगी लोगों की भीड़। संवाद
बस स्टैंड में लगी लोगों की भीड़। संवाद
बस स्टैंड में लगी लोगों की भीड़। संवाद