संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। सरकारी अस्पताल या सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान में भर्ती कराकर इलाज कराने पर ही स्वास्थ्य बीमा का क्लेम मिलेगा। आयुर्वेदिक केंद्र में इलाज कराने पर बीमा कंपनी के क्लेम न देने के फैसले को उपभोक्ता आयोग ने सही ठहराया है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की।
नोएडा के सेक्टर-37 निवासी सुखवीर सिंह अवाना ने दि ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से पॉलिसी ली थी, जो 18 जुलाई 2016 से 17 जुलाई 2017 तक वैध थी। उन्होंने पत्नी की जांच दिल्ली के आयुर्वेदिक सेंटर में कराई। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ने इलाज कराने पर क्लेम दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उन्होंने पत्नी को इलाज के लिए केंद्र में भर्ती करा दिया, जहां वह 9 अगस्त 2016 तक भर्ती रहीं और ठीक हो गईं। इलाज पर 83,306 रुपये खर्च हुए। इसे बाद उन्होंने कंपनी में क्लेम दायर किया, जिसे निरस्त कर दिया गया। इसके बाद उन्हाेंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने कहा कि उपचार केवल तभी स्वीकार्य है जब उपचार किसी सरकारी अस्पताल या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान, या भारतीय स्वास्थ्य परिषद या राष्ट्रीय स्वास्थ्य सत्यापन बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान में भर्ती कराया गया हो। आयोग का मानना है कि जिस संस्थान में इलाज के लिए भर्ती किया गया वह किसी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान नहीं है।