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Noida News: एक मई से शुरू होगी चाइल्ड पीजीआई में सीटी स्कैन की सुविधा

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फोटो चाइल्ड पीजीआई में लगी सीटी स्कैन मशीन।
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एक मई से शुरू होगी चाइल्ड पीजीआई में सीटी स्कैन की सुविधा
- मंगलवार से शुरू होगा ट्रायल, टेस्ट केस के लिए मशीन संस्थान के भूतल पर लगी
- अगले चरण में एमआरआई सुविधा के लिए भी बजट को मंजूरी

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। 288 बेड क्षमता वाले चाइल्ड पीजीआई में बच्चों के इलाज के लिए सीटी स्कैन मशीन लगकर तैयार हो गई है। इसके लिए मंगलवार से ट्रायल शुरू हो जाएंगे। वहीं, एक मई से मरीजों के लिए इस सुविधा को पूरी तरह शुरू करने की तैयारी है। सोमवार को सीटी स्कैन सुविधा को अंतिम रूप देने के लिए इंजीनियर्स की टीम जुटी रही।
चाइल्ड पीजीआई के निदेशक प्रो. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन लगाने का काम पूरा हो गया है। 128 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन के लिए टेस्ट केस अगले दो से तीन दिन में शुरू करा दिए जाएंगे। टेस्ट केस के सफल रहने के बाद इसको मरीजों के उपयोग के लिए शुरू करा दिया जाएगा। यह काम एक सप्ताह में पूरा किए जाने की योजना है। वहीं, मशीन लगाने के लिए काम कर रही तकनीकी टीम के एक सदस्य ने बताया कि जरूरी उपकरण लग गए हैं। मरीजों का सीटी स्कैन कर देखा जाएगा। इसे ही टेस्ट केस कहते हैं।
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इनसेट
अब शुरू होगा एमआरआई पर काम
संस्थान के प्रबंधन के मुताबिक सीटी स्कैन का काम पूरा होने के बाद अब एमआरआई की जरूरत पूरी की जाएगी। इसके लिए बजट मंजूरी हो गई है। इस साल संस्थान को आवंटित बजट में से नौ करोड़ रुपये एमआरआई मशीन लगाने पर खर्च होगा। एमआरआई मशीन भी भूतल पर ही उसी परिसर में लगाई जाएगी जहां सीटी स्कैन मशीन लगी है। एमआरआई की सुविधा पीपीपी मॉडल पर रहेगी। संस्थान के बोर्ड ने भी इसके लिए मंजूरी दे दी है।
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इनसेट स्टोरी - फोटो चाइल्ड पीजीआई में विजिट करते मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र।

सुविधा व जानकारी साझा करेंगे केजीएमयू समेत चिकित्सा संस्थान
नोएडा। चाइल्ड पीजीआई के साथ अपनी सुविधा और चिकित्सकीय जानकारी अब लखनऊ स्थित केजीएमयू, लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, एसजीपीजीआई, एम्स रायबरेली जैसे सुपर स्पेशियलिटी वाले चिकित्सा संस्थान साझा करेंगे। यह कवायद रविवार को मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र की अध्यक्षता में हुई संस्थान की बोर्ड बैठक में की गई। मुख्य सचिव ने खुद इसके लिए निर्देश दिए थे। अगली बोर्ड बैठक में इन सभी संस्थान के वीसी और निदेशक को भी जोड़ा जाएगा। इससे सभी संस्थान के शोध और चिकित्सा क्षमता को जोड़कर पूरे प्रदेश की क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा संस्थान में नर्सिंग कोर्स भी शुरू करने के लिए मुख्य सचिव ने कहा है। इस दौरान उन्होंने संस्थान में मौजूद सुविधाओं को भी देखा और मरीजों व उनके परिजनों से भी फीडबैक लिया। उनका कहना है कि चाइल्ड पीजीआई बच्चों के सुपरस्पेशियलिटी इलाज के लिए देश के शीर्ष तीन संस्थानों में शामिल है। नोएडा के अलावा बाकी दो संस्थान तिरुवंतपुरम और चेन्नई में हैं। सुविधाओं के विस्तार के लिए उन्होंने खुशी जताई। इस दौरान प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा पार्थसारथी सेन, डीएम मनीष वर्मा समेत अधिकारी मौजूद रहे।
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