कोरोना वायरस से कराह रहे चीन के बाद नेपाल भी भारत की संवेदनशील सूची में आ गया है। शासन ने सीएमओ गौतमबुद्ध नगर डॉ. अनुराग भार्गव को चीन के साथ नेपाल से आने वाले लोगों को भी 28 दिनों तक सर्विलांस पर रखने के निर्देश दिए हैं।
नेपाल सीमा से सटे भारतीय सूबे यूपी के अलावा उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के विभिन्न जिलों से आने वाले लोगों की भी निगरानी की जाएगी। सीएमओ ने अधीनस्थ अफसरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अभी तक चीन से आने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी किए हैं।
सीएमओ ने भी विभिन्न विभाग, अधीनस्थ, उद्यमियों और आमजन के लिए लिखा था कि यदि कोई चीन से आता है तो तत्काल उसकी जानकारी विभाग को दें। अब शासन ने नेपाल को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए हैं।
नेपाल और उसकी सीमा से जुड़े क्षेत्रों से कोई आता है तो उसे संवेदनशील मानते हुए सघनता से उसकी जांच की जाए। ऐसे में जिले के उद्यमी, नौकरी पेशा, व्यापारी, आमजन समेत सभी को सर्विलांस पर रखा जाएगा।
चीन और नेपाल के अलावा भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश, पाकिस्तान और भूटान से भी जुड़ी है। लेकिन, इन तीनों देशों के नागरिकों को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि, भारत-पाक में अनबन होने के चलते वहां से यात्रियों के आने की संभावना बहुत कम है। भारत ने बांग्लादेश और भूटान में कोरोना वायरस को लेकर फिक्र नहीं जताई है।
अतिसंवेदनशील है एनसीआर का क्षेत्र
दिल्ली समेत देश के अन्य एयरपोर्ट पर कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए थर्मल स्कैनर लगा दिए गए हैं। इससे गुजरते ही व्यक्ति का शारीरिक तापमान उच्च या सामान्य होने की जानकारी मिल जाएगी। उच्च तापमान वाले व्यक्ति को तत्काल स्क्रीनिंग पर लिया जाएगा। शासन ने विभिन्न गतिविधियों के मद्देनजर एनसीआर को अति संवेदनशील माना है। इनमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद आदि शामिल हैं। आए दिन बड़े कार्यक्रमों के आयोजन के चलते विदेशियों की आवाजाही अधिक रहती है, इसलिए भी यह क्षेत्र अहम हैं।
चीन के बाद अब नेपाल से आए लोगों की सघन स्वास्थ्य जांच के लिए शासन ने निर्देश दिए हैं। नेपाल और उसकी सीमा से सटे लोग जिले में प्रवेश करते हैं तो उन्हें सर्विलांस पर लिया जाएगा। अधीनस्थों को निर्देश जारी कर दिए हैं।- डॉ. अनुराग भार्गव, सीएमओ, गौतमबुद्ध नगर