आजमगढ़। परिषदीय स्कूलों में एमडीएम की गुणवत्ता में जल्द ही सुधार आएगा। एमडीएम बनवाने वाली रसोइयों के पाक कला की गुणवत्ता को अब बच्चे खुद परखेंगे। इसके लिए रसोइया पाक कला प्रतियोगिता आयोजित कराई जाएगी। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को जज बनाकर प्रेरित किया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को एमडीएम में पौष्टिक व स्वादिष्ट भोजन देने के तहत यह कवायद की जा रही है। प्रतियोगिता में सफलता अर्जित करने वाली रसोइयों को पुरस्कृत करके उत्साहवर्धन भी किया जाएगा। निदेशक कंचन वर्मा की ओर से जारी दिशा निर्देश के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाना है। इसके लिए जनपद में 30 रसोइयों का चयन किया जाएगा। पाक कला प्रतियोगिता में जज के लिए बनाई जाने वाली कमेटी में बच्चों को भी शामिल किया गया है। ये रसोइयों को अंक प्रदान करेंगे।
इसमें पाक कला, भोजन का स्वाद, पौष्टिक तत्व और भोजन बनाने के तरीके पर 10-10 अंक मिलेगा। वहीं स्वच्छता पर 10, सुरक्षा पर 10 सभ्य व्यवहार पर 5 अंक निर्धारित किया गया है।
कमेटी में ये होंगे शामिल
- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
- जिला विद्यालय निरीक्षक
- गृह विज्ञान के इंटर या स्नातक स्तर के प्रवक्ता
- गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य
- अलग-अलग स्कूल के कक्षा 6 से 8 के 10 छात्र व छात्राएं
- जनपद के किसी प्रतिष्ठित होटल या रेस्तरांं के चीफ सेफ
- स्वास्थ्य विभाग की महिला अधिकारी
- खाद्य सुरक्षा विभाग का एक अधिकारी
जनपद स्तर पर कार्यरत रसोइया से ब्लाॅक स्तर पर आवेदन बीएसए कार्यालय में जमा कराए जाएंगे। प्रतियोगिता नवंबर में होगी। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 3500, द्वितीय 2500 और तृतीय 1500 रुपये का पुरस्कार मिलेगा। सांत्वना के बतौर 250 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। आने जाने के लिए किराए भत्ते के रूप में 300 रुपये अलग से दिए जाएंगे। - राजीव पाठक, बीएसए