पहली बार परिषदीय स्कूलों में चलेंगी यूकेजी की कक्षाएं
हर बच्चे को मिलेगी सुविधा, बुनियादी शैक्षिक दक्षता में होंगे पास
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में संचालित आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों को पहले अक्षर और संख्या का ज्ञान कराया जाएगा। इन केंद्रों में इस सत्र से ही बाल वाटिका (प्री-नर्सरी) की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
पहले चरण में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को बाल वाटिका के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां तीन से छह वर्ष तक की आयु के बच्चों को पढ़ाया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि बाल वाटिका पर अब विभाग का अधिक फोकस रहेगा। इसकी अवधारणा के तहत बच्चों में ऐसी प्रारंभिक समझ विकसित की जाएगी, जिससे वे कक्षा एक में पहुंचने से पहले बुनियादी शैक्षिक दक्षता की जानकारी रखते हों। प्रत्येक चयनित केंद्र में एक कक्षा कक्ष, किचन, शौचालय, मल्टीपल हैंडवाश यूनिट, बच्चों के अनुकूल फर्नीचर और शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जहां शिक्षक बच्चों को संवादात्मक और खेल आधारित पद्धति से भाषा तथा गणना का परिचय कराएंगे। वहीं बाल वाटिका के माध्यम से बच्चों को भाषा और गणना का प्रारंभिक ज्ञान दिया जाएगा।
यूकेजी की कक्षाओं में पढ़ेंगे बच्चे
पहली बार परिषदीय स्कूलों में भी यूकेजी की कक्षाओं की शुरुआत की जा रही है। सभी प्राथमिक स्कूलों में पांच से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप की जा रही है, जिसमें कहा गया है कि पहली कक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु कम से कम छह वर्ष होनी चाहिए। इन बच्चों को मिड-डे मील (एमडीएम) की सुविधा भी दी जाएगी। इन कक्षाओं में खेल व गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था होगी।