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Noida News: हाईराइज में मोबाइल की स्क्रीन छोड़ मैदान में उतरे बच्चे

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जहांगीरपुर में श्री रामायण मेला समिति द्वारा आयोजित रामलीला में लीला का मंचन करते कलाकार ।  स्र
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नोट- ऑनलाइन न चलाई जाए


- ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसाइटियों में खेलों से जुड़ रहा बचपन
- क्रिकेट-बैडमिंटन से लेकर स्केटिंग तक में दिख रही दिलचस्पी


अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। फ्लैट की चारदीवारी, मोबाइल की स्क्रीन और ऑनलाइन गेम की दुनिया से बाहर निकलकर हाईराइज के बच्चे अब मैदान में समय बीता रहे हैं। क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबॉल और स्केटिंग जैसे खेल बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर मैदान तक ला रहे हैं। सोसाइटियों में मौजूद खेल सुविधाएं बच्चों को घर के करीब ही अपनी प्रतिभा निखारने और नियमित अभ्यास करने का मौका दे रही हैं। स्कूल से लौटने और पढ़ाई पूरी करने के बाद कई बच्चे खेल गतिविधियों में समय बिताना पसंद कर रहे हैं।

ऐस डिविनो, गौड़ सिटी, पंचशील ग्रीन्स, महागुन मायवुड्स और ऐस सिटी, पंचशील ग्रींस जैसी सोसाइटियों के बच्चे प्रतिदिन 2 से तीन घंटे तक खेलों में पसीना बहा रहे हैं। खेल मैदान बच्चों के लिए केवल अभ्यास की जगह नहीं, बल्कि सामाजिक मेलजोल का माध्यम भी बन रहे हैं। अलग-अलग टावरों में रहने वाले बच्चे मैदान में एक साथ खेलते हैं, टीमें बनाते हैं और जीत-हार के अनुभव से सीखते हैं। मोबाइल पर वीडियो देखने या ऑनलाइन गेम खेलने के बजाय मैदान में समय बिताने से बच्चों को दौड़ने, खेलने और शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेने का अवसर मिलता है।
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सीख रहे टीम भावना
हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले बच्चों के लिए खेल मैदान सामाजिक मेलजोल की महत्वपूर्ण जगह बन रहे हैं। अलग-अलग टावरों में रहने वाले बच्चे खेल के दौरान एक-दूसरे से परिचित हो रहे हैं और साथ मिलकर गतिविधियों में भाग लेते हैं। बच्चों को खेलों से जोड़ने में सोसाइटी प्रबंधन की भूमिका भी अहम है। सुरक्षित खेल क्षेत्र, नियमित रखरखाव, उचित रोशनी और खेल गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध होने से बच्चों की भागीदारी को प्रोत्साहन मिल सकता है।



अभिभावकों को भी राहत
पंचशील ग्रींस दो में रहने वाले अभिभावक दीपांकर कुमार ने बताया कि आज के व्यस्त जीवन में अभिभावकों के सामने बच्चों की पढ़ाई, मनोरंजन और शारीरिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती रहती है। मोबाइल पर लंबे समय तक समय बिताने की आदत को लेकर भी कई माता-पिता चिंतित रहते हैं। ऐसे में सोसाइटी के भीतर खेलने की सुविधा होने से बच्चों को बाहर जाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती है। सुपरटेक इकोविलेज के अभिनव ने बताया कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखने का रास्ता केवल फोन पर पाबंदी लगाना नहीं है।
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क्या बोले बच्चे

सोसाइटी में खेलकूद के लिए उचित जगह होने से खेलकूद में भाग लेने का मौका मिलता है और मोबाइल से दूरी भी होती है।
- धृति सिंह,पंचशील ग्रीन्स-2

स्विमिंग तथा साइकिलिंग का लगातार प्रैक्टिस करती हूं। सोसाइटी में जगह होने के कारण मौके अधिक मिल रहे हैं।
- आर्नवी राय, सुपरटेक इको विलेज 1

फुटबॉल खेलने में रुचि है। सोसाइटी में मैदान होने से काफी मदद मिलती है। खेलने से मोबाइल से दूरी भी हो गई है।
- प्रियनेश सिंह,पंचशील ग्रीन्स 2


क्रिकेट में काफी रुचि है। सोसाइटी के साथ ही बाहर भी लगातार अभ्यास कर रहे हैं। - अथर्व मिश्रा, अपेक्स गोल्फ एवेन्यू सोसाइटी

जहांगीरपुर में श्री रामायण मेला समिति द्वारा आयोजित रामलीला में लीला का मंचन करते कलाकार ।  स्र

जहांगीरपुर में श्री रामायण मेला समिति द्वारा आयोजित रामलीला में लीला का मंचन करते कलाकार ।  स्र

जहांगीरपुर में श्री रामायण मेला समिति द्वारा आयोजित रामलीला में लीला का मंचन करते कलाकार ।  स्र

जहांगीरपुर में श्री रामायण मेला समिति द्वारा आयोजित रामलीला में लीला का मंचन करते कलाकार ।  स्र

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