बर्ड फ्लू : चिकन के दाम में गिरावट, खरीदारी बढ़ी
यूनुस अलवी
नूंह। अब तक देश के छह से ज्यादा राज्यों में दस्तक दे चुके बर्ड फ्लू के कारण नूंह जिले में चिकन के दामों में भारी कमी आने से बिक्री बढ़ गई है। दामों में करीब 20 से 30 रुपये तक कमी आने से लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। ऐसे में रोजाना जिले के दुकानदार 300 से 400 किलो तक चिकन बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं होटलों और रेस्टोरेंट पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। दूसरी ओर पशुपालन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए रैपिड रेस्पांस की 8 टीमें गठित कर दी हैं।
पिनगवां में पहले जहां चिकन 170 रुपये प्रति किलो बिकता था, वहीं अब 150 रुपये में बिक रहा है। वहीं, नूंह में चिकन 110 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है। दुकानदार आरिफ ने बताया कि पहले थोक में चिकन 105 रुपये प्रति किलोग्राम मिलता था। जिसे 170 से 200 रुपये तक बेचते थे। लेकिन, बर्ड फ्लू के कारण अब चिकन 74 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। इसको 110 रुपये प्रति किलो में बेच रहे हैं। सस्ता होने के कारण दुकान में बिक्री भी बढ़ गई है।
चिकन फ्राई विक्रेता इरफान ने बताया कि पहले से अब में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। बर्ड फ्लू के कारण चिकन के मूल्यों में कमी जरूर आई है, लेकिन पहले से ज्यादा बिक्री बढ़ गई है। पहले रोस्टेड चिकन फ्राई 280 में बिक रहा था, अब 260 में बेचा जा रहा है।
पोल्ट्री फार्म की बिक्री पर असर नहीं
पिनगवां स्थित मुर्गा फार्म के मालिक सलीम खान ने बताया कि बर्ड फ्लू के कारण मुर्गों की बिक्री में कोई असर नहीं पड़ा है। लेकिन, रेट में कमी जरूर आ गई है। फिलहाल, 50 रुपये प्रति किलो की कमी आई है। तीन दिन पहले डॉक्टरों की टीम फार्म पर आई थी। जांच के लिए सैंपल लेकर गए हैं।
70 डिग्री तापमान पर पकाकर खाएं
पशुपालन विभाग नूंह के उपनिदेशक डॉ. नरेेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। 160 सैंपल जांच के लिए जालंधर लैब भेजे गए हैं। तावडू में दो पोल्ट्री फार्म को छोड़कर कोई बड़े फार्म नहीं हैं। 8 रैपिड रेस्पांस टीमें (आरआरटी) गठित की गई हैं। उन्होने बताया कि अगर मुर्गे को 70 डिग्री तापमान पर पकाकर खाया जाए, तो बर्ड फ्लू का वायरस खत्म हो जाता है। यह वायरस मुर्गी के अंडे में भी मिलता है। इसलिए अंडे को 70 डिग्री तापमान पर उबालकर खाएं।
फोटो : पिनगवां में रोस्टेड चिकन की दुकान।