लखनऊ। किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में शुरू किए गए गाइनी आंकोलाॅजी (स्त्री कैंसर) विभाग में अब कीमोथेरेपी की सुविधा भी शुरू हो गई है। विभाग में शनिवार को ओवेरियन कैंसर की सर्जरी के बाद 38 वर्षीय महिला को हीटेड इंट्राप्रेटोनियल कीमोथेरेपी दी गई।
विभागाध्यक्ष प्रो. निशा सिंह ने बताया कि गाइनी आंकोलाॅजी विभाग की स्थापना इसी साल हुई है। महिलाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई बार महिलाएं पुरुष डाॅक्टरों से अपनी बात कहने में शर्म करती हैं। ऐसे में अलग विभाग होने पर वे अपनी समस्या आसानी से बता सकेंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए केजीएमयू में इस विभाग की नींव रखी गई। विभाग में 38 वर्षीय महिला की बीते दिनों ओवेरियन कैंसर की सर्जरी की गई थी। बीमारी दोबारा न फैले, इसलिए कीमोथेरेपी दी जाती है। महिला को कीमोथेरेपी देने के लिए अलग विभाग भेजने के बजाय विभाग में ही यह सुविधा दी गई। इसमें डाॅ. अभिषेक कुमार का विशेष सहयोग रहा।
जानिए, क्या है हीटेड इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी
सर्जरी के बाद फिर से कैंसर न हो, इसकी आशंका लगभग समाप्त करने के लिए हीटेड इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी की जाती है। इसमें सामान्य कीमोथेरेपी के मुकाबले पेट में गर्म करके कीमो की दवाएं डालकर वापस निकाली जाती हैं। एक तरह से गर्म दवाओं से कैंसरग्रस्त हिस्से को साफ कर दिया जाता है।
ये होता है ओवेरियन कैंसर
ओवेरियन कैंसर या डिंबग्रंथि का कैंसर महिलाओं के अंडाशय (ओवरी) में शुरू होता है। इलाज न होने पर यह जानलेवा होता है।
लक्षण-
पेट फूलना, पेट में लगातार दर्द, भूख न लगना, वजन कम होना, कम खाने के बाद भी जल्दी पेट भर जाना, पेशाब करने में बदलाव या बार-बार पेशाब आना, माहवारी में बहुत ज्यादा रक्तस्राव।