रिश्तेदार ने दिखाया फर्जी अलॉटमेंट लेटर, रकम लेने के बाद किया इन्कार, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेवर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने यमुना विकास प्राधिकरण की परियोजना में प्लॉट दिलाने के नाम पर 73.26 लाख की ठगी के मामले में रबूपुरा कोतवाली को मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
मामला वर्ष 2009 का है। दिल्ली के विनोद भाटिया और सचिन की मुलाकात रिश्तेदार अनिल भाटिया से हुई। अनिल ने दावा किया कि उसे प्राधिकरण की सेक्टर-20 परियोजना में प्लॉट अलॉट हुआ है और अलॉटमेंट लेटर भी दिखाया। उसने तत्काल 2.50 लाख रुपये नकद और बाकी राशि प्राधिकरण को किस्तों में जमा कराने को कहा।
रिश्तेदारी के भरोसे दोनों ने दिसंबर 2009 में नकद भुगतान कर दिया और 2020 तक डिमांड ड्राफ्ट के जरिये यमुना विकास प्राधिकरण के खाते में कुल 73.26 लाख रुपये जमा कराए। इसमें विनोद ने 40.91 लाख और सचिन ने 32.34 लाख रुपये दिए।
रकम चुकाने के बावजूद अनिल ने कोई अनुबंध नहीं किया। आरोप है कि दबाव डालने पर अनिल व उसके बेटे करण ने मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया। पीड़ितों ने अदालत की शरण ली, जिसके निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हुई है।