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पतंजलि योग पीठ में इलाज का झांसा देकर बुजुर्ग को ठगा

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ग्रेटर नोएडा/जेवर (जेपी शर्मा/मनोज कुमार शर्मा)। पतंजलि योग पीठ में इलाज के नाम पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। फर्जी वेबसाइट के जरिये जेवर में सेवानिवृत्त शिक्षक (72) से गिरोह ने 50 हजार रुपये ठगे और रजिस्ट्रेशन आदि की फर्जी स्लिप भी दे दी। पीड़ित जब हरिद्वार में पतंजलि योग पीठ में पैरों का इलाज कराने पहुंचे तो ठगी का पता चला। इसके बाद उन्हें बिना इलाज करवाए लौटना पड़ा। पीड़ित के भाई ने मामले की शिकायत जेवर कोतवाली पुलिस से की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर मोबाइल नंबर और बैंक खाते के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
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मूलरूप से अलीगढ़ के बुढ़ाका गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक धर्मपाल सिंह वर्तमान में परिवार के साथ जेवर के वैना रोड पर रहते हैं। पैरों में बीमारी के कारण उन्हें चलने में दिक्कत है। छोटे भाई कदम सिंह को किसी व्यक्ति ने पतंजलि योग पीठ में इलाज कराने की सलाह दी जिसके बाद कदम ने बेटे अक्षय से पतंजलि की वेबसाइट पर जाकर धर्मपाल के इलाज के लिए बुकिंग करने के लिए कहा।
अक्षय ने बताया कि उन्होंने पतंजलि योग पीठ के नाम पर गूगल पर सर्च किया। इस पर एक वेबसाइट खुल गई और यहां से उन्हें संपर्क के लिए मोबाइल नंबर मिला। कदम ने इस नंबर पर बात की तो ठग ने खुद को अधिकारी बताते हुए पतंजलि योग पीठ के बैंक खाते में पैसे जमा कराने के बाद बुकिंग देने की बात कही। इसके बाद पीड़ितों ने 50,600 रुपये दिए गए बैक खाते में डाल दिए। आरोपी ने व्हाट्सएप से हरिद्वार जाने के लिए रजिस्ट्रेशन पर्ची की पीडीएफ फाइल भेज दी। धर्मपाल 19 अप्रैल को जब पीठ पहुंचे तो यहां रजिस्ट्रेशन को फर्जी बताते हुए इलाज करने से मना कर दिया गया।
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इलाज से लेकर एसी रूम में ठहरने का विवरण
ठगों ने जो पर्ची भेजी थी उसमें पतंजलि योग ग्राम में पंजीकरण होने के साथ ही बेड, दो ड्राइंग रूम सोफा सेट के अलावा एसी रूम की सुविधा, ठहरने के लिए कमरा नंबर 10 वार्ड नंबर 7 में प्रतिदिन का 5000 रुपये व अन्य खर्च का विवरण था। ठग ने कोरोना व खून की जांच के अलावा एमआरआई व सीटी स्कैन के 15700 रुपये जमा कराने के भी प्रयास किए, लेकिन धर्मपाल ने पतंजलि पहुंचकर जमा कराने की बात कहकर रुपये बचा लिए।
पतंजलि योग पीठ में इलाज कराने के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर जेवर के एक व्यक्ति से ठगी की जानकारी मिली है। इसकी शिकायत उचित माध्यम से पतंजलि को भेजी जाएगी। योगपीठ के अधिकृत मोबाइल नंबर व वेबसाइट आस्था चैनल पर प्रसारित किए जाते हैं। इनके अलावा किसी भी नंबर पर इलाज के लिए बुकिंग कराने वालों के झांसे में न आएं। - रोहित कौशिक, पतंजलि युवा भारत राज्य प्रभारी दिल्ली एनसीआर
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ऐसे बच सकते हैं साइबर ठगों से
- गूगल से मिले कस्टमर केयर नंबर पर फोन करने से पहले पड़ताल जरूर करें।
- अधिकारिक वेबसाइट पर ही क्लिक करें, अन्यथा गूगल से मिले नंबर फर्जी हो सकते हैं।
- ऑनलाइन भुगतान करने से पहले संबंधित को पूरी तरह परख लें।
- किसी भी अंजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक व क्यूआर कोड को क्लिक और स्कैन न करें।
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