बाइक बोट की तर्ज और ओला-उबर की तरह एनसीआर में टैक्सी चलाने के नाम पर करोड़ों के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सोनीपत से पहुंचे 20 लोगों ने शहर के बीचों बीच दफ्तर खोलकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी और कई बार शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है।
पीड़ितों ने मामले में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। एसएसपी ने पीड़ितों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पीड़ित निवेशकों ने बताया कि वह सोनीपत के ही एक व्यक्ति के माध्यम से बीटा-2 थाना क्षेत्र में दफ्तर खोलकर एनसीआर में ओला-उबर की तरह टैक्सी चलाने का वादा करने वाली कंपनी के पदाधिकारियों से मिले थे। 26 जनवरी को आरोपी ने शहर में एक बड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया, उसमें एक बड़े पुलिस अधिकारी को भी बुलाया गया था।
आरोपियों ने उन्हें झांसा दिया कि वह निवेशकों से 52,500 रुपये एक मुश्त लेकर प्रतिमाह 10,250 रुपये प्रतिमाह 12 महीने तक लौटाएंगे। आरोपियों के जाल में फंसकर अकेले सोनीपत के ही 100 से अधिक लोग ठगी का शिकार हो गए।
पीड़ितों ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा व अन्य प्रदेशों के कई जिलों के पीड़ित फर्जीवाडे़ में फंसकर गाढ़ी कमाई फंसा चुके हैं। इसकी शिकायत उन्होंने थाने से लेकर एसएसपी दफ्तर में की, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई तो दूर एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई।
सरकारी अनुमति के दस्तावेज दिखाए गए
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी ने अपने कार्यक्रम में एक बड़े पुलिस अधिकारी को बुलाने के अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के अनुमति प्राप्त होने के पत्र उन्हें दिखाए थे। इससे वह उनके झांसे में आ गए थे।
आर्थिक अपराध शाखा पर गलत रिपोर्ट देने का आरोप
पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने कुछ दिन पहले एसएसपी से मुलाकात की तो उन्होंने आर्थिक अपराध शाखा को जांच व कार्रवाई के लिए लिखा था, लेकिन आर्थिक अपराध शाखा ने इसे एनआई एक्ट (चेक बाउंस) का मामला बताकर रिपोर्ट दी, जबकि यह धोखाधड़ी का मामला है। इसकी शिकायत भी उन्होंने आलाधिकारियों से की है।
पीड़ितों से मिली जानकारी के मुताबिक यह धोखाधड़ी का मामला है। मामले में एफआईआर दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रणविजय सिंह, एसपी देहात