एनओसी की जांच करेगा क्रीड़ा विभाग
उपजिला क्रीड़ा अधिकारी अनीता नागर ने बताया कि बिना एनओसी के स्वीमिंग पूल के संचालन की शिकायत नहीं मिली है। हालांकि टीम का गठन करके नियमों के विरुद्ध स्वीमिंग पूल का संचालन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
निजी स्वीमिंग पूल कंपनी की ली थी सदस्यता
निशांत ने स्वीमिंग पूल की सुविधा देने वाली निजी कंपनी की सदस्यता ली थी। कंपनी शहर में 12 से अधिक स्थानों पर स्विमिंग पूल संचालित करती है। साथ ही प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराती है। स्कूल में बना स्विमिंग पूल भी इसी कंपनी से जुड़ा हुआ है। पूल सुबह पांच बजे से खुल जाता है। निशांत कंपनी के स्वीमिंग पूल में अपनी सुविधा के अनुसार जाते थे।
फुटेज की जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसीपी एसीपी प्रथम रजनीश वर्मा ने बताया कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस मुंबई स्थित कंपनी के मुख्यालय के पास है। वहां तैनात अधिकारियों से बात हो गई है। जल्द ही सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध करा दिया जाएगा। वीडियो फुटेज की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
निशांत का भाई चंडीगढ़ में रहता है जबकि कुछ रिश्तेदार दिल्ली में भी रहते हैं। वह कुछ वर्षों से नोएडा में अकेले किराये पर रहते थे। पुलिस के मुताबिक निशांत एपीजे स्कूल के स्वीमिंग पूल में अक्सर तैरने के लिए जाते थे। यहां कोच से तैराकी का प्रशिक्षण ले रहे थे। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि गहरे पानी की ओर जाने पर कोच ने क्यों नहीं टोका। हादसे के वक्त कोच कहां था।