29 नपा बोर्ड की बैठक में नगर के विकास आदि मुद्दों पर चर्चा करते सभासद। श्रोत-वीडियो ग्रैब
आजमगढ़। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ की मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक उस समय विवादों में घिर गई जब कई सभासदों ने कर निर्धारण अधिकारी धर्मवीर सोनी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया। बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष सरफराज आलम ने की। बोर्ड की बैठक में नोएडा और गाजियाबाद के समान गृहकर न लगाए जाने और गाजीपुर का सर्किल रेट लगाए जाने का प्रस्ताव सभासदों ने रखा। जल मूल्य बिलंब शुल्क और 12 प्रतिशत ब्याज को खत्म किए जाने का सभासदों ने प्रस्ताव रखा। ताकि आम जनता पर अतिरिक्त भार न हो। नगर क्षेत्र में 500 लाइटें लगाने, साफ-सफाई व्यवस्था को सदृढ़ करने और सभी वार्डो में मच्छर रोधी दवा के छिड़काव करने की मांग की।
वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि नगर में 15वें वित्त से विकास कार्य कराया जाएगा। वहीं बैठक के दौरान ही सभासद आनंद देव उपाध्याय, महेंद्र यादव, पुनीत राय सहित अन्य सभासदों ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने होर्डिंग लगाने के नाम पर पांच हजार रुपये की अवैध वसूली की। सभासदों ने प्रमाण स्वरूप मोबाइल नंबर के माध्यम से किए गए पांच हजार रुपये के लेनदेन का उदाहरण प्रस्तुत किया।
बताया कि राशि मोबाइल नंबर पर भेजी गई, जो कर निर्धारण अधिकारी धर्मवीर सोनी के भाई का नंबर है। सभासदों ने पालिका अध्यक्ष और ईओ से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस पर नगर पालिका अध्यक्ष सरफराज आलम ने कहा कि मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। ईओ प्रियंका सिंह ने भी सभासदों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इस अवसर अधिशासी अधिकारी (ईओ) प्रियंका सिंह, कर निर्धारण अधिकारी धर्मवीर सोनी, सभासद मो. अफजल, शालिनी श्रीवास्तव सहित सभी सभासद मौजूद रहे।