अधिक बारिश और लंबे समय तक बारिश नहीं होना दोनों ही परिस्थितियों में फसलों को खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। जिले में धान की रोपाई के बाद किसानों के लिए चुनौती बढ़ सकती है। अधिक बारिश और लंबे समय तक बारिश नहीं होने, दोनों ही परिस्थितियों में फसलों में कीट और अन्य रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
कृषि विभाग के अनुसार यदि लगातार भारी बारिश होती है तो खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इससे जड़ों को नुकसान पहुंचने के साथ ब्लास्ट, शीथ ब्लाइट (झुलसा) और बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट जैसे रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में खेत से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं यदि लंबे समय तक बारिश नहीं होती और खेतों में नमी की कमी हो जाती है। इससे तना छेदक, पत्ती लपेटक, गंधी कीट, माहू और फॉल्स स्मट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पत्तियों पर धब्बे, पत्तियों का मुड़ना, तने का सूखना या बालियों में किसी प्रकार का असामान्य बदलाव दिखाई देने पर तुरंत संपर्क करें। विभाग के तरफ से पहले ही इन सभी समस्याओं से जुड़ी सलाह के लिए नंबर भी जारी किया था।
धान की फसल के लिए वर्तमान समय सबसे महत्वपूर्ण है। मौसम के अनुसार खेत का प्रबंधन और कीट-रोगों की समय पर पहचान से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
- विवेक दुबे- जिला कृषि अधिकारी