नई दिल्ली। विधानसभा में बृहस्पतिवार को सदन की कार्रवाई आरंभ होते ही असहज स्थिति बन गई। भाजपा विधायकों ने सदन में कार्यालयों की उपलब्धता को लेकर आवाज उठाई। सबसे पहले भाजपा विधायक तरविंदर मारवाह ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि विधानसभा की समितियों के अध्यक्षों को अब तक कार्यालय नहीं मिले हैं। उनके समर्थन में करनैल सिंह और अन्य विधायक भी सामने आए।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विधानसभा के 22.5 एकड़ क्षेत्र में कई सरकारी विभागों ने अड्डा जमा रखा है जिससे विधायकों को कमरे देने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने विशेष रूप से फार्मेसी काउंसिल और शिक्षा विभाग का नाम लेते हुए कहा कि ये विभाग कई-कई कमरे लेकर बैठे हैं जबकि हमारे पास 25 समितियां हैं और केवल 11 कमरे उपलब्ध हैं। वे मुख्य सचिव से कहेंगे कि इन विभागों को जल्द शिफ्ट किया जाए। इस बीच दिल्ली सरकार की ओर से उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आश्वासन दिया कि इस विषय पर जल्द कार्रवाई की जाएगी और विधायकों को कमरे आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी मामले को संवेदनशील बताते हुए सुझाव दिया कि यह काम योजनाबद्ध और समन्वय के साथ किया जाए।