बहादुरगढ़। त्योहारों की खुशियों में सेहत को न भूल जाएं, इसलिए एहतियात बरतना जरूरी है। पर्व पर खाद्य पदार्थों में मिलावट के साथ-साथ प्रदूषण भी समस्या बन रहा है। फूड सेफ्टी विभाग मिलावट करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद मिलावट नहीं रुक पा रही हैं। इसलिए एहतियात जरूरी है।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने बताया कि पटाखे चलाने या अन्य कोई भी हानिकारक पदार्थ या केमिकल जलाने पर उससे निकलने वाली प्रदूषित गैस वायु मंडल में अधिक ऊंचाई पर नहीं जा पाती है। इसका सीधा असर श्वसन तंत्र पर पड़ता है। दिल, फेफड़े, अस्थमा सहित अन्य मरीजों के लिए विषैली गैसें अधिक हानिकारक होती हैं।
पटाखों से नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, कार्बन डाई ऑक्साइड गैसें निकलती हैं, जो बेहद नुकसानदेह है। ऐसे ही मिलावटी खाद्य सामग्री से बचना जरूरी है। त्योहारों के मौके पर खोया और रंगबिरंगी मिठाईयों के सेवन से दूर रहना चाहिए। मिलावटी खाद्य सामग्री किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचाती हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट के कारण आपकी सेहद दांव पर लग सकती हैं।
लगातार मिलावटी खाद्य सामग्री के सेवन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी घेर सकती है। मिलावटी घी और तेल आदि हमारी आंतों को नुकसान पहुंचाते हैं। ज्यादा समय तक उपयोग के कारण समय से पहले मधुमेह सहित अन्य रोग भी हो सकते हैं।