नोएडा के सेक्टर-137 स्थित शुभकामना होम्स परियोजना में सबवेंशन स्कीम फर्जीवाड़े को लेकर सीबीआई ने बिल्डर शुभकामना बिल्डटेक और बैंक अधिकारियों के खिलाफ छठी चार्जशीट दाखिल की है। जांच में खरीदारों से धोखे, आपराधिक षड्यंत्र और फंड डायवर्जन के आरोप सामने आए हैं।
फ्लैट में कब्जे तक किश्त नहीं के वादे पर बनी सबवेंशन स्कीम फर्जीवाड़े पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच आगे बढ़ी है। सीबीआई ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा समेत एनसीआर में सबवेंशन स्कीम के फ्रॉड में 23 केस अलग-अलग जुलाई 2025 में दर्ज किए थे। अब तक इसमें पांच चार्जशीट सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई दाखिल कर चुकी है और छठी चार्जशीट शुभकामना बिल्डटेक बिल्डर के खिलाफ दाखिल की गई।
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सीबीआई ने कहा है कि बिल्डर समूह ने धोखे से आपराधिक षड्यंत्र कर झूठे वादे से मासूम घर खरीदारों को फंसाया। शुभकामना होम्स परियोजना शहर के सेक्टर-137 में है। सीबीआई ने इस एफआईआर में शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पीयूष तिवारी के साथ निजी बैंक के अज्ञात अधिकारियों को केस में शामिल किया है। सबवेंशन स्कीम फर्जीवाड़े में सीबीआई नोएडा की 10 परियोजनाओं की जांच कर रही है। इसमें जेपी, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
शुभकामना बिल्डटेक बिल्डर नोएडा प्राधिकरण का भी डिफाल्टर है। प्राधिकरण ने फरवरी 2025 में फंड डायवर्जन का आरोप लगाकर आर्थिक अपराध शाखा को जांच के लिए पत्र भेजा था। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि बिल्डर की तरफ से प्लॉट की बकाया धनराशि समय से नहीं जमा की गई। मौजूदा समय में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा के बकाए का अनुमान है।