बाइक बोट की तर्ज पर 11 हजार लोगों से निवेश कराने के आरोप में एनसीआर मेें एप बेस्ड टैक्सी चलाने वाली जेएसबी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। कंपनी के निवेशक कई दिन से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग कर रहे थे। अब, एसएसपी के आदेश पर बीटा-2 थाना पुलिस ने कंपनी के सीएमडी व निदेशक समेत पांच लोगों को नामजद किया है।
पुलिस के अनुसार, दादरी के रेलवे रोड निवासी ओमप्रकाश पचौरी ने दर्ज कराई एफआईआर में आरोप लगाया है कि जेएसबी का दफ्तर कामर्शियल बेल्ट एमएसएक्स टावर में है। कंपनी ने बाइक बोट की तर्ज पर योजना चलाई थी जिसके अंतर्गत लोगों से कंपनी में 52,500 रुपये एक मुश्त जमा कराकर प्रतिमाह 10,250 रुपये प्रतिमाह किश्त लौटाने का वादा किया था।
इसका एग्रीमेंट सौ रुपये के स्टांप पर किया गया था। तीन-चार महीने यानी अप्रैल 2019 तक किश्त देने के बाद कंपनी ने रुपये देना बंद कर दिया। रुपये न मिलने पर जब निवेशकों ने नाराजगी जताई तो कंपनी ने होटल हार्टबीट में बैठक बुलाकर एक-दो माह का समय मांगा और चेक दिए जो बाउंस हो गए।
इसके बाद उन्हें धमकियां भी दी गईं। ओमप्रकाश ने 3.15 लाख रुपये निवेश किया था। अभी कंपनी पर 2.54 लाख रुपये बाकी है। कंपनी में करीब 11000 लोगों ने निवेश किया है।
साक्ष्य और निवेशकों के हस्ताक्षर समेत 17 पेज पुलिस को सौंपे
निवेशकों का कहना है कि उन्होंने तहरीर की प्रति के साथ आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य, चेक और पीड़ित निवेशकों के 300 नाम व नंबर के साथ 17 पेज पुलिस को सौंपे हैं। वह कई दिन से थाने और पुलिस ऑफिस सूरजपुर जाकर एसएसपी, एसपी और सीओ से मिलकर केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे। सोनीपत निवासी बड़ी संख्या मेें लोग भी पुलिस ऑफिस आकर केस दर्ज करने की मांग कर चुके हैं।
इनके नाम दर्ज हुआ केस
- डाढा गांव निवासी महेश भाटी चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी)
- जेपी ग्रीन निवासी अरुण लोहिया निदेशक
- साकीपुर गांव निवासी भूपेंद्र भाटी
- रोजा जलालपुर निवासी करमवीर नागर
- ओमीक्रान-1 निवासी सूरवीर गौतम
जेएसबी कंपनी बाइक बोट की तर्ज कर लोगों के रुपये निवेश कराकर धोखाधड़ी कर रही थी। निवेशकों की शिकायत और तहरीर मिलने पर मामले की जांच कराई गई। इसके बाद केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- रणविजय सिंह, एसपी देहात