फिरोजपुर झिरका। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे की मुआवजा राशि को लेकर रोजाना नए-नए विवाद सामने आ रहे हैं। मुआवजा राशि को प्राप्त करने के लिए कई लोग भूमि पर मालिकाना हक का दावा कर अधिकारियों को भ्रमित कर रहे हैं। अधिकारी भी असमंजस में है कि मुआवजा राशि किसे दी जाए। रीगढ़ गांव में ऐसा ही मामला सामने आया है। छुटमल की शिकायत पर जसवेंद्र कौर पुत्री बलवंत सिंह निवासी फरीदाबाद सहित अन्य 8 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता छुटमल ने बताया कि गांव में 2 एकड़ भूमि पर उसका कब्जा है। यह भूमि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिए ले ली गई।
आरोप है कि मुआवजा राशि हड़पने के लिए जसवेंद्र कोर पुत्री बलवंत सिंह निवासी फरीदाबाद ने भूमि पर मालिकाना हक का दावा किया है। छुटमल का कहना है कि जसवंत कौर, कासम पुत्र चांदमल निवासी मलाई, ताज मोहम्मद पुत्र गरीबा निवासी शिकारपुर और अन्य 5-6 लोगों ने मिलकर मुआवजा राशि को हड़पने के लिए जालसाजी की है। शहर पुलिस चौकी प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि शिकायत पर 3 नामजदों और 5-6 अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।