धोखाधड़ी में सहकारी आवास समिति के 3 पदाधिकारियों पर मुकदमा
ग्रेटर नोएडा। पुलिस आयुक्त के आदेश पर कासना थानाक्षेत्र स्थित सतीलीला सहकारी आवास समिति के 3 पदाधिकारियों के खिलाफ एक सदस्य ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि तीनों ने समिति बनाकर अधूरे फ्लैट बनवाए और धोखाधड़ी कर लोगों से पैसा हड़प लिया। जर्जर स्थिति के कारण सदस्यों को मिले आवासों का कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राधिकरण से नहीं मिल पाया है। कासना थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सतीलीला सहकारी आवास समिति के सदस्य सुजीत सिंह सिसोदिया ने बताया कि सोसाइटी के बिल्डर पर निवासियों ने पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह के आदेश पर एफआईआर दर्ज करवाई है। सदस्यों ने स्काईलाइन इंफ्राटेक के बिल्डर अनिल वासवानी पर आरोप लगाए हैं कि सोसाइटी में करीब 11 साल से रह रहे लोगों के मकानों की रजिस्ट्री अब तक नहीं कराई गई है। बिल्डर ने 167 भवनों की जगह 180 भवन बना लिए। बिल्डर सिर्फ मकानों की सदस्यता आवास विकास परिषद लखनऊ के बाबुओं और अफसरों की मिली भगत से ट्रांसफर करवाकर किसी भी घर के खरीदार को बेच देता है। इससे करोड़ों रुपये की स्टांप ड्यूटी का नुकसान हो रहा है। सोसाइटी में बिल्डर ने कुछ आपराधिक किस्म के तत्वों को किराए पर बसा दिया है, जो महिलाओं और बुजुर्गों से दुर्व्यवहार और मारपीट करते रहते हैं। वहीं, प्रबंध समिति के अध्यक्ष और सचिव आज तक सोसाइटी नहीं आए और न सोसाइटी में रहने वाले सदस्यों के पास उनके मोबाइल नंबर हैं। आरोप है कि सोसाइटी सचिव धोखाधड़ी कर सिंगापुर जा चुके हैं। वहीं, सोसाइटी के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। बिल्डर से लड़ाई लड़ने के लिए एक संघर्ष समिति का भी गठन किया गया है।