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नोएडा एयरपोर्ट : 7 अक्तूबर को होगा नियाल और ज्यूरिख कंपनी के बीच करार

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नोएडा एयरपोर्ट : 7 अक्तूबर को होगा नियाल और ज्यूरिख कंपनी के बीच करार
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ग्रेटर नोएडा। प्रदेश सरकार ने नोएडा इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए विकासकर्ता कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी से अनुबंध की तिथि तय कर दी है। 7 अक्तूबर को नियाल और ज्यूरिख कंपनी के बीच करार होगा। प्रदेश सरकार ने करार के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह को सक्षम अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास के लिए विकासकर्ता कंपनी ज्यूरिख ने स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) कंपनी का गठन किया है। इसके माध्यम से ही करार होगा।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से गठित एसपीवी ही नोएडा एयरपोर्ट का काम देखेगी। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के बीच अनुबंध पर 7 अक्तूबर को हस्ताक्षर किए जाएंगे। करार के दौरान नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी और नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह बतौर गवाह मौजूद रहेंगे। दरअसल, ग्लोबल टेंडर में बीते साल 29 नवंबर को ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी ने 400.97 रुपये प्रति यात्री राजस्व देने का प्रस्ताव दिया था। वहीं, अडानी इंटरप्राइजेस लिमिटेड ने 360 रुपये, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने 351 रुपये और एनकोर्ज इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड ने 205 रुपये प्रति यात्री राजस्व देने का प्रस्ताव दिया। वित्तीय निविदा में ज्यूरिख एयरपोर्ट ने बाजी मार ली। हालांकि, करार कहां होगा, यह तय नहीं है। नियाल की कोशिश है कि करार लखनऊ में हो। अगर मुख्यमंत्री का समय मिला तो करार के समय वह भी मौजूद रहेंगे। ज्यूरिख से करार होने के साथ ही शीघ्र ही इसकी नींव रखे जाने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार की कोशिश है कि करीब 29,500 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट की नींव प्रधानमंत्री ही रखें। इसके बाद निर्माण शुरू होगा। 2023 में इस एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने की उम्मीद है।
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इन 6 गांवों की ली गई है जमीन
प्रथम चरण में 6 गांवों दयानतपुर, रोही, पारोही, किशोरपुर, रन्हेरा व बनवारीवास की 1334 हेक्टेयर जमीन ली गई है। इसमें से 97 हेक्टेयर सरकारी (ग्राम समाज) जमीन है। इसके अलावा दयानतपुर (423 हेक्टेयर), रोही-पारोही (470 हेक्टेयर) व रन्हेरा (128 हेक्टेयर) में सबसे अधिक जमीन ली गई है। प्रशासन पहले चरण की पूरी जमीन ले चुका है। साथ ही नोएडा एयरपोर्ट की परिधि में आने वाले किसानों को जेवर बांगर में बसाया जाना है। इसके लिए भी जमीन ली जा रही है। अधिकतर किसान जमीन देने को राजी हैं।
एयरपोर्ट की मंजूरी के लिए कब-क्या हुआ
6 जुलाई 2017 - हवाई अड्डे के लिए निर्माण साइट की अनुमति मिली।
5 अक्तूबर 2017 - गृह मंत्रालय ने एनओसी दी।
6 नवंबर 2017 - गृह मंत्रालय के इमीग्रेशन की एनओसी दी।
29 दिसंबर 2017 - यमुना प्राधिकरण ने सलाहकार कंपनी का चयन किया।
11 जनवरी 2018 - रक्षा मंत्रालय ने एनओसी दी।
15 अप्रैल 2018 - सलाहकार कंपनी ने टीईएफआर सौंप दी।
23 अप्रैल 2018 - नागर विमानन मंत्रालय ने दी सैद्धांतिक मंजूरी दी।
30 अक्तूबर 2018 - जमीन लेने की अधिसूचना (धारा-11) जारी।
07 मई 2019 - ग्लोबल बिड निकालने को मिली मंजूरी।
29 नवंबर 2019 - टेंडर खुला, ज्यूरिख कंपनी ने लगाई सबसे ज्यादा बोली।
28 सितंबर 2020 - ज्यूरिख कंपनी से करार की तिथि तय।
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