नूंह। घासेड़ा गांव में रविवार को सरपंच सहित अन्य लोगों को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया। जिले में लागू धारा-144 के उल्लंघन पर नूंह थाना पुलिस ने गांव के सरपंच अशरफ सहित कई नामजदों व 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं सरपंच अशरफ ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए रैली निकालने की बात को नकार दी है।
जानकारी के अनुसार रविवार को नूंह के गांव घासेड़ा में नागरिकता संशोधन कानून व राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन गांव के सरपंच, युवा, बुजुर्गों द्वारा आयोजित किया गया। सभी प्रदर्शनकारी सुबह 10 बजे गांव घासेड़ा के होली चौक पर हाथों में पोस्टर, बैनर के अलावा तिरंगा लेकर एकजुट हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एनआरसी व सीएए को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं जिला उपायुक्त द्वारा जिले में पिछले कई दिनों से धारा 144 लगाई हुई है। जिले में धारा 144 लगने के बावजूद घासेड़ा गांव में भीड़ एकत्रित कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी धारा 144 का उल्लंघन करने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
नूंह सदर थाना एचएचओ शमशुद्दीन ने कहा कि घासेड़ा गांव के सरपंच अशरफ, बुरहान गांव सलंबा, ताहिर गांव सलंबा, शहीद गांव सलंबा, ओसामा गांव घासेड़ा, मौलवी दाउद गांव घासेड़ा, मौलवी इब्राहिम सहित अन्य 250 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की आगामी कार्रवाई में जुटी हुई है। फिलहाल अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
हमने गांव की चारदीवारी के अंदर प्रदर्शन किया, रैली नहीं निकाली। गांव में कहीं रोड जाम भी नहीं किया और न ही धारा-144 का उल्लंघन किया है। यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। - सरपंच अशरफ