एओए का आरोप, बिल्डर ने फर्जी सहमति पत्र लगाकर ली थी मंजूरी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-107 स्थित ग्रेट वैल्यू शरणम सोसाइटी में अतिरिक्त एफएआर और तीन नए टावरों की मंजूरी के मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को आदेश जारी कर बिल्डर और नोएडा प्राधिकरण से जवाब मांगा है। यह जवाब 18 दिसंबर से पहले तक देना होगा।
सोसाइटी में तीन नए टावर बनने का मामला लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। ग्रेट वैल्यू प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को अतिरिक्त एफएआर और तीन नए टावर बनाने की और एफएआर की अनुमति नोएडा प्राधिकरण से मिल गई थी। इस पर सोसाइटी एओए का आरोप था कि बिल्डर ने फर्जी सहमति पत्र लगाकर मंजूरी ली थी। ऐसे में एओए की ओर से लगाई गई याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए न्यायालय ने जवाब मांगा है।
एफएआर स्वीकृति के लिए प्रस्तुत सभी सहमति पत्रों के मूल अभिलेख अगली सुनवाई पर अदालत में प्रस्तुत किए जाने का आदेश किया गया है। न्यायालय ने कहा कि एफएआर स्वीकृति जिन दस्तावेज़ों पर आधारित है, उनका सत्यापन आवश्यक है। याचिकाकर्ता एओए की अपील पर सुनवाई जारी रखते हुए अदालत ने मामले को अगली तारीख के लिए सूचीबद्ध किया है। एओए अध्यक्ष अभिषेक मित्तल ने बताया कि उन्हें न्यायालय पर पूर्ण विश्वास है।