गोहाना गांव में बढ़ रहा कैंसर का प्रकोप
नगीना। खंड के गोहाना गांव में बीते दो सालों में कैंसर ने दर्जनों लोगों की जान ली है। अभी भी आधा दर्जन लोग कैंसर पीड़ित हैं, वहीं कई लोगों में लक्षण सामने आए हैं। जिसके चलते ग्रामीणों में कैंसर से भय का माहौल बना हुआ है। लोगों की इस समस्या से जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग भी अंजान बना हुआ है।
भले ही गांव में कैंसर से दर्जन भर लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं, लेकिन अभी तक कैंसर से निपटने के लिए किसी ने नहीं सोची हैं। मरीजों की संख्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से जागरूकता शिविर लगाने की मांग की है। मास्टर अरशद हुसैना, पूर्व सरपंच प्रकाश, इरफान आदि ने बताया कि कैंसर के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता नहीं होने से भी मौत का ग्राफ बढ़ा है। जब तक मरीज के परिजनों को पता चलता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. आशीष सिंगला का कहना है कि डर से कोई भी बीमारी और घातक हो जाती है, इसलिए घबराएं नहीं और उचित इलाज कराएं। सिविल अस्पताल मांडीखेड़ा में कैंसर इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
गोहाना निवासी कैंसर पीड़ित राजन रोहतक पीजीआई में एक साल से इलाज करा रहे हैं, तो साकरा का दिल्ली के लोकनायक अस्पताल से इलाज चल रहा है। मुबीना घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण अपना इलाज नहीं करा पा रही है। वहीं सुनीता, हाजी अजीज, फूलबती व हाजी शहीद भी इससे पीड़ित हैं, जो एनसीआर में अपना इलाज कराने को मजबूर हैं। वहीं गांव में कैंसर से मरने वालों में अच्छन, मनोहर, जुबेर पुत्र रसूला, कल्लू, हाजी हारुण, शेर मोहम्मद, यूनुस, जमाली, जुम्मा व हाजी चंद्ररू हैं।
वर्जन-
गोहाना में कैंसर संबंधित मामला अभी संज्ञान में आया है। इस बारे में ग्रामीणों से जल्द जानकारी ली जाएगी। अगर गांव में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं तो जागरूकता कैंप लगाया जाएगा। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है। - डॉ. आशीष सिंगला, उप डिप्टी सिविल सर्जन, जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा