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तीसरी आंख ने किया पर्दाफाश: नोएडा में 600 आपराधिक मामलों का कैमरे ने किया खुलासा, बदमाशों पर रखते हैं कड़ी नजर

Sat, 02 Dec 2023 08:05 AM IST
विजय पुंडीर रणजीत मिश्रा, अमर उजाला, नोएडा

सार

नोएडा प्राधिकरण ने शहर के विभिन्न चौराहों पर आधुनिक दृश्यता वाले सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाए हैं। इनकी मदद से शहरवासियों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के साथ यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी जाती है। वहीं इन्हीं कैमरों की मदद से आपराधिक वारदात के खुलासे में मदद मिल रही है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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विस्तार
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सेफ सिटी परियोजना के तहत शहर के प्रमुख 82 स्थानों पर लगाए गए इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के एचडी कैमरे वाहन चालकों के साथ अपराधियों पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं। चौराहों पर बीते साल मई और जून में लगाए गए कैमरों से मिले सीसीटीवी फुटेज से अब तक 600 से ज्यादा वारदात का खुलासा किया जा चुका है। 

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परियोजना के तहत अब और बेहतर क्षमता और तकनीक वाले कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि इनकी मदद से शहर में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सके। नोएडा प्राधिकरण ने शहर के विभिन्न चौराहों पर आधुनिक दृश्यता वाले सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाए हैं। इनकी मदद से शहरवासियों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के साथ यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी जाती है। वहीं इन्हीं कैमरों की मदद से आपराधिक वारदात के खुलासे में मदद मिल रही है। 

अधिकारियों ने बताया कि वारदात के बाद अपराधी जिस रास्ते से फरार होते हैं वहां चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी तस्वीरें कैद हो जाती हैं। बाद में रूट और समय के आधार पर कैमरों के फुटेज खंगालकर अपराधियों को दबोच लिया जाता है।  इन कैमरों की मदद से शहर में हत्या, लूट, स्नेचिंग आदि के 600 मामलों का खुलासा हो चुका है। 

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क्यों अलग हैं आईटीएमएस परियोजना के कैमरे
आईटीएमएस परियोजना के कैमरे चारों तरफ घूम सकते हैं। इसमें दूर व नजदीक (जूम इन और जूम आउट) दोनों तरह की तस्वीरें कैद करने की क्षमता है। जिससे बिना हेलमेट, बाइक पर तीन सवारी, नंबर प्लेट आदि को पहचान करने में मदद मिलती है। इसकी दृश्यता क्षमता और रेज्यूलेशन भी काफी अधिक होता है।

शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और वारदात को सुलझाने में भी मदद मिल रही है। इसमें और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर बातचीत चल रही है। इनकी मदद से करीब 600 वारदात का पर्दाफाश किया जा चुका है। - अनिल कुमार यादव, डीसीपी ट्रैफिक नोएडा।
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केस 1
सेक्टर-126 कोतवाली क्षेत्र में 10 मई 2022 को बाइक पर सवार दो बदमाशों ने नंबर प्लेट पर मिट्टी डालकर हत्या की वारदात की। आरोपी महामाया फ्लाईओवर होकर चिल्ला बॉर्डर के रास्ते दिल्ली चले गए। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की गहनता से छानबीन की। कैमरे में दिख रहे जूते और जींस के रंग के आधार पर आरोपियों की तलाश की। अंतत: पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। 

केस 2
सिलेरियो कार सवार बदमाशों ने सेक्टर-37, बोटेनिकल गार्डन, सिटी सेंटर समेत अन्य स्थानों से कार में लिफ्ट देकर लूटपाट की वारदात की। पीड़ियों की शिकायत पर कार नंबर की पहचान की गई। जांच में नंबर के फर्जी निकलने का खुलासा हुआ। हालांकि पुलिस ने उस नंबर को आईटीएमएस में फीड कर दिया। जिससे कार के सीसीटीवी कैमरे की जद में आते ही कंट्रोल रूम में अलर्ट मिलने लगा। जनवरी में मिले अलर्ट के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

केस 3
सेक्टर-62 के रजत विहार निवासी व्यापारी की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ न कोई सबूत था न कोई गवाह। पुलिस ने वारदात के दस मिनट के अंतराल की वीडियो फुटेज निकाल कर गहनता से छानबीन की। इसी दौरान आरोपी सीसीटीवी फुटेज में बार-बार आते-जाते दिखे। जांच तेज कर पुलिस ने 21 अप्रैल को खोड़ा में रहने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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