बुधवार को वह टहल रहे थे। पीछे से आकर ऊंट ने उनको गिरा दिया। उन्होंने चिल्लाकर मदद के लिए गुहार लगाई। जब तक कोई आता तब तक ऊंट ने उनके कान और हाथ पर काट लिया। अस्पताल में उनके कान में छह टांके लगे हैं। इसके साथ ही पांच रेबीज के इंजेक्शन लगेंगे। एक इंजेक्शन लग चुका है। बाकी के कुछ समय के अंतराल में लगेंगे। डॉक्टरों से पूछा है कि कहीं रेबीज फैलने का कोई खतरा तो नहीं हैं। डॉक्टरों ने अभी आराम करने की सलाह दी है। एओए के पदाधिकारियों ने इस घटना के बाद लोगों में डर का माहौल है। एओए और परिजनों ने ऊंट के मालिक की तलाश के लिए पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई है।
कुत्तों के आंतक से पहले ही लोग परेशान
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। चार से पांच के झुंड में घूमने वाले लावारिस कुत्ते कहीं भी किसी पर हमला कर देते हैं। इन कुत्तों आंतक है कि बहुत से लोगों ने सुबह शाम को टहलना छोड़ दिया है। बच्चों को भी अकेले बाहर भेजने से डरते हैं। हाल ही में दो बच्चों को कुत्तों ने शिकार बनाया है। कुत्तों के लिए प्राधिकरण की ओर से नियम कायदे बना दिए गए, लेकिन अभी तक लागू हो नहीं सका है। अब ऊंट के काटने की घटना से लोग भयभीत हैं।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट समस्याओं का शहर बन चुका हैं। यहां एक समस्या खत्म होती है तो दूसरी शुरू हो जाती है। कुत्तों के आंतक से लोगों को राहत मिल नहीं पा रही है। अब ऊंट का आंतक शुरू हो गया है। डॉग पालिसी बन गई। लागू कब होगी इसकी जानकारी प्राधिकरण के अधिकारियों को भी नहीं हैं। - अभिषेक कुमार, नेफोवा अध्यक्ष