सरकार के राजस्व का भी हो रहा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। मेट्रो स्टेशनों और परी चौक पर इन दिनों बिना बुकिंग के कैब और रैपिडो चालक सवारियां उठा रहे हैं। इनका हर समय यहां जमावड़ा लगा रहता है। इससे जहां यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं बिना पंजीकृत रूप से सवारियां ढोने के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
इन दिनों ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क मेट्रो स्टेशन, परी चौक और अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट मेट्रो स्टेशन के पास बड़ी संख्या में कैब और रैपिडो चालक खड़े दिखाई देते हैं। बस या मेट्रो से उतरते ही ये चालक यात्रियों को लुभाने लगते हैं। अधिकांश कैब और रैपिडो चालक ऑनलाइन बुकिंग करने की जहमत नहीं उठाते, बल्कि सीधे सवारियों से मोलभाव कर किराया तय कर लेते हैं।
निजी वाहनों से यात्री ढो रहे युवा : कैब और रैपिडो चालकों के अलावा कई युवा निजी वाहन लेकर सुबह से ही स्टेशन के आसपास डेरा जमा लेते हैं। वे पूरे दिन यात्रियों को विभिन्न स्थानों तक छोड़ते हैं। ऐसे वाहनों से सवारियां ढोने पर यात्री कर की चोरी हो रही है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है।
अपराध हुआ तो कौन जिम्मेदार : ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 निवासी अमित नागर कहते हैं कि कैब चालक बिना बुकिंग के सवारियां बैठाकर ले जाते हैं। आपराधिक वारदातें होने पर ऐसे में उनकी पहचान करना मुश्किल है। साथ ही यात्री को निर्धारित रूट से भी हटकर ले जाते हैं। ग्रेटर नोएडा के गामा-2 निवासी ममता तिवारी ने कहा कि महिला यात्रियों को बिना बुकिंग के कैब चालक लेकर जाते हैं। कई बार अकेले भी महिलाओं को यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में महिला अपने आप को असुरक्षित महसूस करती है।
बुकिंग से बचते हैं चालक : रैपिडो चालक देवीराम बताते हैं कि सुबह सात बजे से रात दस बजे तक स्टेशन से ही सवारियां उठाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे ऑनलाइन बुकिंग से बचते हैं, क्योंकि इससे किराया तय रहता है, जबकि सीधे सवारी लेने पर किराया बढ़ाया जा सकता है।