पेयजल संकट दूर नहीं हुआ तो पंचायत चुनाव का बहिष्कार, बसई के लोगों ने दी चेतावनी
फिरोजपुर झिरका। उपमंडल के बसई गांव में जन-स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। गांव के धनाढ्य परिवार तो पानी का टैंकर मंगाकर प्यास बुझा लेते हैं, लेकिन आम लोग पूरे दिन लोगों के निजी नलकूपों से पानी लेने के लिए भटकते रहते हैं। पेयजल संकट दूर नहीं होने पर ग्रामीणों ने आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
बसई गांव में रेनीवेल पेयजल योजना के अंतर्गत ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए वर्ष 2009 में लाखों रुपये राशि खर्च कर पानी का स्टोरेज टैंक बनाया गया था। इस टैंक में पानी पहुंचाने के लिए खानपुर घाटी से 4 किलोमीटर पाइपलाइन भी बिछाई गई, परंतु 8 माह से पानी बंद है और टैंक पर लगी मोटर भी गायब है।
पूर्व सरपंच रमेश कुमार, फजरा, सद्दीक, खलील, नरेश कुमार आदि ने आरोप लगाया कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के कारण गांव में पिछले कई माह से पेयजल संकट पसरा हुआ है। इसके निवारण के लिए अनेक बार विभाग के एसडीओ, कनिष्ठ अभियंता से मिला गया, लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ। जल संकट को दूर नही किया गया है। ग्रामीणों के समक्ष विडंबना है कि ग्रामीण शिकायत लेकर कहां जाए, पेयजल संकट का सबसे ज्यादा प्रभाव गरीब परिवारों पर पड़ रहा है। क्योंकि उनके पास मोल खरीदकर प्यास बुझाने के लिए धन का घोर अभाव है। ग्रामीणों ने पेयजल संकट दूर नहीं करने पर भविष्य में होने वाले पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता मुफीद हुसैन ने कहा कि गांव में वाटर टैंक में पानी पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों की पानी की समस्या को देखते हुए पानी के टैंकर भी गांव में भेजे गए है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल्दी ही गांव में पेयजल आपूर्ति को बहाल किया जाएगा।