कुछ समय बाद मनीष जब स्थिति स्पष्ट करने के लिए सोसाइटी के मेंटेनेंस कार्यालय पहुंचे, तो पहले से मौजूद आरोपी कमलजीत चौधरी ने अपने छोटे भाई पवन चौधरी, साथी मुलायम सहित 15 लोगों के साथ मिलकर दोबारा हमला कर दिया। आरोपियों ने न केवल मनीष और उनकी पत्नी अनुपमा की पिटाई की, बल्कि बचाने आई उनकी बच्ची यावी को भी धक्का देकर पेट में लात मारी। गाड़ी से डंडे निकालकर पीटा।
आरोपियों ने पिस्टल लहराते हुए कहा कि वह उन्हें सोसाइटी में रहने नहीं देंगे। इसी दौरान एक पड़ोसी तुषार जो बीच-बचाव करने आया था, उसे भी नहीं बख्शा गया और उसके हाथ पर दांत काटकर घायल कर दिया गया। घटना के बाद सोसाइटी में हड़कंप मच गया और अन्य निवासी मौके पर पहुंचे। लेकिन इस दौरान भी गार्ड पूरी तरह निष्क्रिय नजर आए। घटना के विरोध में सोसाइटी के लोगों ने बिसरख पहुंचे और थाने में ही धरना देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अनुपमा त्रिपाठी का आरोप है कि इस पूरी घटना का वीडियो फुटेज भी मौजूद है। जिसमें हमलावरों की करतूत स्पष्ट देखी जा सकती है।
बावजूद इसके बिसरख कोतवाली पुलिस ने अभी तक मुख्य आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया है। सोसाइटी के सभी निवासियों की मांग है किआरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पुलिस का कहना है कि दो लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
गार्डों की निष्क्रियता पर उठे सवाल
घटना ने सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किएए हैं। जहां एक तरफ गार्ड की निष्क्रियता सामने आई है, वहीं पुलिस द्वारा सिर्फ एनसीआर दर्ज करना और मुख्य आरोपियों को छोड़ देना लोगों में आक्रोश पैदा कर रहा है। निवासियों ने सोसाइटी प्रोफेशनल गार्ड की मांग की है।