नोएडा एयरपोर्ट को बुलेट ट्रेन परियोजना से भी जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंगलवार को नेशनल हाई-स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अधिकारी यमुना प्राधिकरण के मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट के पास स्टेशन बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता, यात्री क्षमता और डिजाइन पर चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक, बुलेट ट्रेन के लिए एयरपोर्ट के पास भूमिगत स्टेशन बनाए जाने को उपयुक्त पाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन से लिंक किया जाना है। इसकी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके एलाइनमेंट को तय करने के लिए मंगलवार को एनएचएसआरसीएल की टीम यमुना प्राधिकरण पहुंची।
एनएचएसआरसीएल के प्रिंसिपल चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता ने इस दौरान सीईओ राकेश कुमार सिंह और एसीईओ शैलेंद्र भाटिया से मुलाकात की। प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ उनकी तकनीकी टीम ने भी बुलेट ट्रेन के इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए अपनी जरूरत को साझा किया। एसीईओ शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इसमें एक नोएडा के सेक्टर-148 में होगा जोकि ग्रेटर नोएडा के भी नजदीक रहेगा।
दूसरा स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जेवर में बनाया जाना प्रस्तावित है। इस स्टेशन को नोएडा एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) में भूमिगत बनाने की योजना पर सहमति बनी है। एयरपोर्ट के जीटीसी पर पहले से ही मेट्रो व नमो भारत का भूमिगत स्टेशन प्रस्तावित है। रेलवे की ओर से इसी जगह से चोला और रुंधी तक रेलवे ट्रैक से नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ा जाना है। इस पूरी योजना की जानकारी भी साझा कर दी गई है जिससे डिजाइन में सुविधा मिल सके। इसका फायदा यह होगा कि जब बुलेट ट्रेन का भूमिगत स्टेशन बनाया जाए, तो पहले से प्रस्तावित या निर्माणाधीन परियोजनाएं प्रभावित नहीं होंगीं।
फरवरी में ही मिली बजट में मंजूरी
बुलेट ट्रेन परियोजना में दिल्ली-वाराणसी रूट को पिछले महीने ही केंद्रीय बजट में मंजूरी मिली है। इसके बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने में तेजी आई है। डीपीआर बनाने की प्रक्रिया भी इसी लिए शुरू हुई है जिससे रूट में शामिल स्टेशन तय कर जल्दी निर्माण शुरू हो सके।
20 मिनट में दिल्ली से एयरपोर्ट पहुंचाएगी ट्रेन
अधिकारियों का कहना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा एयरपोर्ट का 70 किलोमीटर का सफर करीब 20 मिनट में पूरा हो जाएगा। अधिकांश भाग इसका एलिवेटेड रहेगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच इसे एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज पर बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए एयरपोर्ट तक एलाइनमेंट बनाया जाएगा। इससे नोएडा एयरपोर्ट हाईस्पीड ट्रेन से सीधे जुड़ने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन जाएगा।